रिपोर्टर: नेहा गुप्ता
Arrah : बिहार के भोजपुर (आरा) जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ जनआक्रोश भड़क उठा है। शुक्रवार (12 जून 2026) को भाकपा माले (CPI-ML) के बैनर तले बड़ी संख्या में विस्थापित और भूमिहीन लोगों ने आरा अंचल कार्यालय का घेराव किया। अंचल अधिकारी (CO) द्वारा कार्यालय परिसर के भीतर धरना-प्रदर्शन न करने की सख्त हिदायत के बावजूद, प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान वहां तैनात पुलिस बल और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।

Arrah मुख्य मार्ग से निकाला आक्रोश जुलूस, बैरिकेडिंग तोड़ अंचल कार्यालय में घुसे प्रदर्शनकारी
अंचल कार्यालय के घेराव से पहले भाकपा माले और विस्थापितों ने शहर के मुख्य मार्ग से एक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाते हुए अंचल कार्यालय परिसर पहुंचे। चूंकि प्रशासन द्वारा पहले ही परिसर में धरने पर रोक लगाई गई थी, इसलिए पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया और पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। हालांकि, आक्रोशित भीड़ अंचल अधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परिसर में डटी रही।
Arrah ‘बसाने से पहले उजाड़ रही सरकार’: माले और एपवा नेत्रियों का तीखा हमला
धरना सभा को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया प्रोग्रेसिव विमेंस एसोसिएशन (AIPWA) की वरिष्ठ नेत्री शोभा मंडल और संगीता सिंह ने सूबे की एनडीए सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार में केवल गरीबों के आशियानों को उजाड़ने और बुलडोजर चलाने का काम किया जा रहा है, लेकिन उन्हें कहीं बसाने की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जा रही है।” उन्होंने मांग की कि किसी भी गरीब का घर तोड़ने से पहले सरकार को उन्हें जमीन, पक्का आवास और पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
Arrah विस्थापितों ने उठाई जमीन और आवास की मांग, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
इस घेराव कार्यक्रम में कयामुद्दीन अंसारी, सुधीर कुमार, राजनाथ राम, ललन नट और गोरखनाथ अकेला सहित सैकड़ों की संख्या में ऐसे विस्थापित परिवार शामिल थे, जिनके आशियानों पर हाल ही में प्रशासन का बुलडोजर चला है। नेताओं ने अंचल अधिकारी को एक मांग पत्र सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि विस्थापितों को अविलंब वैकल्पिक जमीन और पुनर्वास की सुविधा नहीं दी गई, तो यह आंदोलन केवल अंचल कार्यालय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे जिले में चक्का जाम किया जाएगा।
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