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by-Ravindra Sikarwar

रोम और मिलान समेत इटली के कई शहरों में गाजा संघर्ष को लेकर हिंसक प्रदर्शन। पीएम जॉर्जिया मेलोनी पर फिलिस्तीन को मान्यता न देने का आरोप। ट्रेनें रोकी गईं, पुलिस से झड़प, 60 से अधिक सुरक्षाकर्मी घायल।

इटली में हिंसक प्रदर्शन, हालात बिगड़े:
इजरायल और गाजा के बीच जारी युद्ध का असर अब यूरोप तक दिखाई दे रहा है। इटली में प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। राजधानी रोम और आर्थिक केंद्र मिलान सहित कई शहरों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई हैं।

प्रदर्शनकारी गाजा के समर्थन में तुरंत युद्धविराम की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इटली सरकार ने इजरायल का पक्ष लिया है और अब तक फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता नहीं दी है।

क्यों भड़का गुस्सा?

  • हाल ही में फ्रांस ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र का दर्जा दिया।
  • इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया ने भी इसी हफ्ते फिलिस्तीन को मान्यता दी है।
  • दुनिया के लगभग 152 देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं
  • लेकिन इजरायल, अमेरिका, इटली और जापान अभी भी इसे स्वीकार नहीं करते।

यही वजह है कि इटली की जनता प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है।

प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?

  • मिलान सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर घुस गए।
  • भीड़ ने पुलिस पर स्मोक बम, बोतलें और पत्थर फेंके
  • रेलवे स्टेशन और सरकारी इमारतों में आगजनी व तोड़फोड़ की गई।
  • पुलिस ने भीड़ को काबू में करने के लिए वॉटर कैनन और बैरिकेड्स का इस्तेमाल किया।
  • इस झड़प में 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए जबकि कम से कम 10 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया

गाजा संघर्ष से जुड़ी मांगें:

  • प्रदर्शनकारी युद्धविराम की तत्काल घोषणा चाहते हैं।
  • इटली सरकार से मांग की जा रही है कि वह फिलिस्तीन को आधिकारिक मान्यता दे।
  • नेपल्स जैसे बंदरगाह शहरों में सड़क और रेल मार्ग रोककर लोगों ने विरोध जताया।
  • आंदोलनकारियों का कहना है कि जब यूरोप के कई देश फिलिस्तीन को मान्यता दे सकते हैं, तो इटली क्यों पीछे है?

फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देश:

  • अब तक भारत, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, पुर्तगाल और सऊदी अरब समेत 150 से अधिक देश फिलिस्तीन को मान्यता दे चुके हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र के कुल सदस्यों में से करीब 78% देश फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र मानते हैं
  • जबकि अमेरिका, इजरायल, इटली और जापान अभी भी इसके खिलाफ हैं।

नतीजा और संभावित असर:
इटली में जारी यह प्रदर्शन न केवल वहां की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि सरकार के सामने भी बड़ी राजनीतिक मुश्किल खड़ी कर रहा है।
रेलवे स्टेशन और पोर्ट बंद होने से यातायात और व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा है। सुरक्षा एजेंसियां अब देशभर में हाई अलर्ट पर हैं।

अगर इटली ने अपनी नीति पर जल्द कोई बड़ा फैसला नहीं लिया, तो यह आंदोलन और भी व्यापक रूप ले सकता है।

यह खबर साफ संकेत देती है कि गाजा संघर्ष अब वैश्विक राजनीति का अहम मुद्दा बन चुका है। यूरोप में बढ़ते दबाव के बीच इटली सरकार को तय करना होगा कि वह किस ओर खड़ी है – इजरायल के साथ या फिर फिलिस्तीन की स्वतंत्रता के समर्थन में।