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by-Ravindra Sikarwar

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर चल रही अंदरूनी कलह उस समय सतह पर आ गई जब एक पूर्व मंत्री ने अपनी बर्खास्तगी को लेकर एक सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कसम खाई है कि उनकी मंत्री पद से हटाने के पीछे पार्टी के आलाकमान की एक सोची-समझी साजिश थी और वह जल्द ही इस पूरे मामले का पर्दाफाश करेंगे। इस दावे के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।

बर्खास्तगी और साजिश का आरोप
हाल ही में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान अपनी कुर्सी गंवाने वाले इस पूर्व मंत्री ने दावा किया है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के हटाया गया है। उनका आरोप है कि यह फैसला राज्य स्तर पर नहीं, बल्कि दिल्ली में बैठे आलाकमान के इशारे पर लिया गया था। उन्होंने कहा कि “मुझे हटाने की यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई, बल्कि इसके पीछे एक गहरी साजिश थी, जिसमें पार्टी के कुछ बड़े नेता शामिल हैं।”

पर्दाफाश करने की तैयारी:
पूर्व मंत्री ने मीडिया के सामने आकर कहा कि वह इस मामले से जुड़ी सभी जानकारी और सबूत जल्द ही सार्वजनिक करेंगे। उन्होंने कहा, “मैंने चुप रहना नहीं सीखा है। मैं सही समय का इंतजार कर रहा हूँ। मेरे पास इस बात के प्रमाण हैं कि कैसे और क्यों मुझे निशाना बनाया गया। मैं जल्द ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर सभी साजिशकर्ताओं के नाम उजागर करूँगा।” उनके इस बयान ने कांग्रेस पार्टी के भीतर हड़कंप मचा दिया है और सभी की निगाहें उन पर टिकी हैं।

पार्टी में गुटबाजी और आलाकमान की भूमिका:
विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना कर्नाटक कांग्रेस में चल रही गुटबाजी का नतीजा है। राज्य के मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद पहले से ही चल रहे हैं। ऐसे में पूर्व मंत्री का यह दावा पार्टी की अंदरूनी खींचतान को और भी बढ़ा सकता है। यह आरोप सीधे तौर पर सोनिया गांधी या राहुल गांधी जैसे शीर्ष नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाता है, जो किसी भी पार्टी के लिए एक गंभीर स्थिति है।

कांग्रेस की संभावित प्रतिक्रिया:
पूर्व मंत्री के इस आरोप पर कांग्रेस आलाकमान और राज्य नेतृत्व की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। उम्मीद है कि पार्टी इन आरोपों को खारिज कर सकती है और इसे एक “असंतोष” व्यक्त करने वाले नेता की व्यक्तिगत टिप्पणी बता सकती है। हालांकि, अगर पूर्व मंत्री सबूत पेश करते हैं, तो पार्टी के लिए अपने आप को बचाना मुश्किल हो सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह राजनीतिक जंग आगे क्या मोड़ लेती है।

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