Meerut Blue Drum Murder Case:मेरठ के सनसनीखेज सौरभ राजपूत हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। पति की बेरहमी से हत्या कर शव को नीले ड्रम में छिपाने के आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को अदालत ने दोषी करार दिया है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया है, और दोनों दोषियों की सजा का ऐलान आगामी 14 अक्टूबर को किया जाएगा। इस बहुचर्चित मामले में करीब 13 महीने तक ट्रायल चला, जिसके दौरान 126 तारीखों पर 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सौरभ राजपूत के परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।
क्या था पूरा मामला?
Meerut Blue Drum Murder Case:यह खौफनाक वारदात 3 मार्च 2025 को सामने आई थी, जब मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। इसके अगले दिन यानी 4 मार्च को उन्होंने सौरभ के शव के 15 टुकड़े कर एक नीले ड्रम में भर दिए। इसके बाद, 5 मार्च को दोनों आरोपी शिमला घूमने के लिए निकल गए।
हत्या के करीब दो हफ्ते बाद पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत लगे। 17 मार्च 2025 को पुलिस ने घर के अंदर रखे उसी नीले ड्रम से सौरभ का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। इस भयानक वारदात ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। 19 मार्च 2025 को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
हत्याकांड की मुख्य तारीखें
- Meerut Blue Drum Murder Case:3 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ राजपूत की हत्या की।
- 4 मार्च 2025: शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाए गए।
- 5 मार्च 2025: वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों शिमला घूमने चले गए।
- 16 मार्च 2025: पुलिस को आरोपियों के खिलाफ अहम सबूत मिले।
- 17 मार्च 2025: पुलिस ने नीले ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया।
- 19 मार्च 2025: दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
जेल में ऐसा रहा दोषियों का बर्ताव
Meerut Blue Drum Murder Case:सामने आई जानकारी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान मुस्कान और साहिल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही फैसला सुनने का अनुरोध किया था। जेल में बंद रहने के दौरान दोनों शांत नजर आए; जहां मुस्कान शिवजी की पूजा-पाठ में लगी रही, वहीं साहिल ने अन्य बंदियों से बातचीत करना पूरी तरह बंद कर दिया था।
दोषियों के सरकारी अधिवक्ता टीम के सदस्य अभिषेक चौरसिया ने बताया कि कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता साक्ष्य पेश किए गए थे। हालांकि, बचाव पक्ष की तरफ से उनकी बेटी का हवाला देते हुए सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई गई है। अब सभी की निगाहें 14 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत दोनों की सजा का ऐलान करेगी।

