Saurabh Rajput Murder CaseSaurabh Rajput Murder Case
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Saurabh Rajput Murder Case:उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या और साक्ष्य मिटाने के मामलों में दोषी करार दिया है। अदालत के इस फैसले से सौरभ के परिवार को न्याय की दिशा में एक कदम आगे बढ़ने का संतोष तो मिला है, लेकिन सजा का ऐलान 14 अक्टूबर तक टलने के कारण उनका इंतजार और बेचैनी बढ़ गई है। पीड़ित परिवार ने दोनों दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है।

फैसले पर परिवार की प्रतिक्रिया

Saurabh Rajput Murder Case:अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाए जाने की अगली तारीख 14 अक्टूबर तय किए जाने के बाद सौरभ के परिजनों का दर्द छलक उठा। परिवार का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि दोषसिद्धि के साथ ही सजा का भी ऐलान कर दिया जाएगा।

  • सौरभ के भाई: उन्होंने कहा कि परिवार कोर्ट के इस फैसले से संतुष्ट है कि दोनों को दोषी करार दिया गया है, लेकिन असली सुकून तभी मिलेगा जब इन्हें कठोरतम सजा दी जाएगी, ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए।
  • सौरभ की मां: उन्होंने नम आंखों से कहा कि परिवार की सिर्फ एक ही मांग है कि दोनों को फांसी दी जाए। सजा के लिए 15 दिन का अतिरिक्त इंतजार उनके लिए बेहद कठिन हो गया है।
  • ताई और बुआ: परिवार की अन्य महिलाओं ने भी इस जघन्य अपराध की क्रूरता का जिक्र करते हुए दोषियों के लिए फांसी की सजा की पुरजोर मांग की है।

क्या है पूरा ‘नीला ड्रम हत्याकांड’?

Saurabh Rajput Murder Case:यह सनसनीखेज मामला फरवरी 2025 का है, जब मर्चेंट नेवी में कार्यरत सौरभ राजपूत विदेश से लौटकर मेरठ आया था। यहां उसे अपनी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला के अवैध संबंधों के बारे में पता चल गया। सौरभ के रास्ते से हटने के लिए दोनों ने मिलकर एक खौफनाक साजिश रची।

  • हत्या की रात: 3 मार्च 2025 की रात मुस्कान ने सौरभ के खाने में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे बेहोश कर दिया और साहिल को घर बुलाकर उसका गला रेतकर हत्या कर दी।
  • शव ठिकाने लगाने का तरीका: साक्ष्य छिपाने के लिए दोनों ने बाथरूम में शव के टुकड़े किए। इसके बाद एक नीला ड्रम, सीमेंट और बालू खरीदकर शव के अंगों को उसमें डाला और ऊपर से सीमेंट का घोल भरकर ड्रम को पूरी तरह सील कर दिया ताकि बदबू बाहर न आए।
  • गिरफ्तारी का सफर: हत्या के बाद मुस्कान अपनी बेटी को मायके छोड़कर साहिल के साथ लगभग 13 दिनों तक शिमला-मनाली में घूमती रही और सौरभ के फोन का इस्तेमाल कर उसके जिंदा होने का नाटक करती रही।

कैसे हुआ खुलासा?

Saurabh Rajput Murder Case:इस खौफनाक राज से पर्दा 18 मार्च 2025 को तब उठा, जब सौरभ का भाई राहुल उनके घर पहुंचा। घर में साहिल की मौजूदगी और अजीब दुर्गंध के कारण राहुल को शक हुआ। पुलिस ने जब घर की तलाशी ली और वह नीला ड्रम खुलवाया, तो उसमें से सौरभ के क्षत-विक्षत शव के टुकड़े बरामद हुए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया था।

अब सभी की निगाहें 14 अक्टूबर पर टिकी हैं, जब अदालत मुस्कान और साहिल की सजा का ऐलान करेगी। अभियोजन पक्ष ने भी दोनों के लिए अधिकतम सजा की मांग दोहराई है।

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