रिपोर्टर: प्रेम श्रीवास्तव
NIT Jamshedpur : झारखंड के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी जमशेदपुर परिसर में पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से “ई-वेस्ट टू रिस्पॉन्सिबल रीसाइक्लिंग” थीम पर एक विशेष अभियान चलाया गया। संस्थान के GoGreen क्लब द्वारा आयोजित इस पहल में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा उनके परिजनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे अभियान के दौरान विभिन्न श्रेणियों के करीब 160 बेकार पड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कुल 58.42 किलोग्राम ई-कचरा जमा किया गया, जिसमें पुराने लैपटॉप, मोबाइल, प्रिंटर कार्ट्रिज, की-बोर्ड, राउटर और बैटरियां शामिल थीं।

वैज्ञानिक पुनर्चक्रण पर ज़ोर और ‘स्पिन एंड विन’ का आकर्षण
NIT Jamshedpur संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण और रीसाइक्लिंग पर्यावरण को नुकसान से बचाने तथा संसाधनों के पुनर्चक्रण में बेहद आवश्यक भूमिका निभाता है। टाटा स्टील UISL RRR सेंटर्स के प्रतिनिधियों ने उपस्थित लोगों को बताया कि संग्रहित कचरे को किस प्रकार सुरक्षित तकनीकों द्वारा प्रोसेस कर उपयोगी सामग्रियों में बदला जाता है। वहीं, प्रतिभागियों में उत्साह बढ़ाने के लिए “स्पिन एंड विन” जैसी रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसमें 3 से अधिक ई-वेस्ट आइटम लाने वाले लोगों को ईको-फ्रेंडली उपहार देकर पुरस्कृत किया गया।

सहभागिता के प्रति आभार और नोडल टीम का कुशल मार्गदर्शन
NIT Jamshedpur एनआईटी जमशेदपुर प्रशासन ने अभियान की सफलता में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए टाटा स्टील UISL की टीम, विशेषकर मनोज सिंह शेखावत और GoGreen क्लब के समर्पित स्वयंसेवकों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। यह संपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम संस्थान में ‘स्वच्छता ही सेवा’ के नोडल अधिकारी डॉ. नवीन कुमार वेलदुर्थी के कुशल दिशानिर्देश में आयोजित हुआ। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. श्री कृष्ण सुधाम्सु, डॉ. कनिका प्रसाद और प्रवोत रॉय ने अहम भूमिका निभाई।
हरित और सतत भविष्य की दिशा में एनआईटी जमशेदपुर का ठोस कदम
NIT Jamshedpur इस ई-कचरा संग्रहण अभियान से संस्थान परिसर में कचरा पृथक्करण (Waste Segregation), जिम्मेदार उपभोग और चक्रीय अपशिष्ट प्रबंधन (Circular Waste Management) को लेकर जागरूकता में सकारात्मक वृद्धि हुई है। एनआईटी जमशेदपुर ने स्पष्ट किया कि ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ के दूरदर्शी लक्ष्यों को प्राप्त करने और परिसर को पूर्णतः स्वच्छ व पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए इस प्रकार के जनहितकारी अभियान भविष्य में भी लगातार संचालित किए जाते रहेंगे।

