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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Raipur : नवा रायपुर स्थित महानदी भवन (मंत्रालय) की एक स्टाफ बस में अचानक आग लगने की घटना के बाद कर्मचारियों का असंतोष चरम पर पहुँच गया। हादसे से आक्रोशित सैकड़ों कर्मचारी मंत्रालय के प्रवेश द्वार पर एकत्र हो गए और सड़क पर बैठकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने परिवहन व्यवस्था, बसों की जर्जर स्थिति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर राज्य शासन और मुख्य सचिव से सीधे हस्तक्षेप की मांग की।

जर्जर बसों के संचालन और मेंटेनेंस में लापरवाही का आरोप

Raipur प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि मंत्रालय कर्मचारियों के आवागमन के लिए संचालित की जा रही अधिकांश बसें खटारा और जर्जर (कंडम) स्थिति में पहुँच चुकी हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि इन वाहनों का न तो समय पर मेंटेनेंस कराया जाता है और न ही इनके ब्रेक व अन्य सुरक्षा तंत्र ठीक से काम करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आज एक बड़ी अनहोनी टल गई, लेकिन यदि इन खटारा वाहनों का संचालन बंद नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने दिया फिटनेस ऑडिट का आश्वासन

Raipur हंगामे और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के उप सचिव पुलक भट्टाचार्य ने मौके पर पहुँचकर कर्मचारियों से वार्ता की। उन्होंने कर्मचारियों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि बस आगजनी घटना की निष्पक्ष जाँच कराई जाएगी। साथ ही, मंत्रालय सेवा में लगी सभी बसों का तत्काल तकनीकी व सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा और जो भी बसें अमानक या कंडम पाई जाएँगी, उन्हें बेड़े से तुरंत बाहर किया जाएगा।

अस्थायी रूप से स्थगित हुआ प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

Raipur प्रशासनिक अधिकारी से मिले लिखित व मौखिक आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपने प्रदर्शन को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया। इसके बाद कर्मचारी संगठनों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि यदि बैठक में नई व सुरक्षित बसों के संचालन को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है, तो वे अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे।

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