Khatauli assembly election equationsKhatauli assembly election equations
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Khatauli assembly election equations: उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘जाटलैंड’ के नाम से मशहूर मुजफ्फरनगर जिले की खतौली विधानसभा सीट हमेशा से बेहद महत्वपूर्ण रही है। साल 2027 के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर यहाँ का राजनीतिक माहौल अभी से गर्माने लगा है। इस बार राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) का गठबंधन होने के कारण खतौली का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने

खतौली का राजनीतिक इतिहास और 90 के दशक का दौ

Khatauli assembly election equations:खतौली विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 90 के दशक में यह सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती थी। साल 1991 और 1993 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी के उम्मीदवार सुधीर कुमार बालियान ने यहाँ शानदार जीत दर्ज की थी। इसके बाद, 1996 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की पार्टी ‘भारतीय किसान कामगार पार्टी’ (BKKGP) के टिकट पर राजपाल सिंह बालियान ने यहाँ अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए थे।

आरएलडी, बसपा और भाजपा की वापसी के समीकरण

Khatauli assembly election equations:वर्ष 2002 में यही पार्टी राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के रूप में उभरी और राजपाल सिंह बालियान ने फिर से जीत दर्ज की। साल 2007 में बसपा (BSP) की लहर के दौरान योगराज सिंह ने बाजी मारी, जबकि 2012 में आरएलडी ने करतार सिंह भड़ाना के जरिए इस सीट पर वापसी की। इसके बाद, 2017 और 2022 के चुनावों में बीजेपी के विक्रम सैनी ने जीत हासिल कर केसरिया परचम लहराया, हालांकि अक्टूबर 2022 में सजा के कारण सदस्यता जाने से यहाँ उपचुनाव कराना पड़ा था।

2022 का उपचुनाव और राजनीतिक समीकरण

Khatauli assembly election equations:साल 2022 के दिसंबर महीने में हुए खतौली उपचुनाव में समीकरण पूरी तरह बदल गए। समाजवादी पार्टी और आरएलडी गठबंधन के साझा उम्मीदवार मदन भैया ने बीजेपी प्रत्याशी राजकुमारी सैनी को 22,143 मतों के बड़े अंतर से हराया। इस उपचुनाव ने यह साबित कर दिया कि गठबंधन और स्थानीय समीकरण यहाँ जीत-हार तय करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

खतौली के प्रमुख सामाजिक समीकरण

Khatauli assembly election equations:खतौली विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं का जातीय ताना-बाना बहुत ही अहम है। इस सीट पर मुख्य रूप से निम्नलिखित जातियों और समुदायों के लोग भारी संख्या में निवास करते हैं:

  • मुस्लिम मतदाता
  • जाट मतदाता
  • सैनी मतदाता
  • गुर्जर मतदाता
  • अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़े वर्ग (OBC) के मतदाता

2027 के चुनाव की संभावित तस्वीर और चुनौतियाँ

Khatauli assembly election equations:आगामी 2027 के चुनाव में यह सीट एनडीए (NDA) गठबंधन के भीतर सीट शेयरिंग का अहम हिस्सा बन सकती है, क्योंकि आरएलडी इस पर दावा ठोक सकती है। यदि यह सीट आरएलडी के खाते में जाती है और वे जाट उम्मीदवार उतारते हैं, तो समाजवादी पार्टी की रणनीति गैर-जाट उम्मीदवारों पर दांव लगाने की हो सकती है। उम्मीदवारों का चयन, जातिगत गोलबंदी और पार्टियों का आपसी तालमेल ही यह तय करेगा कि खतौली के सिंहासन पर किसका कब्जा होगा।

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