Spread the love

बिहार में गंगा और उसकी सहायक नदियों में आए उफान के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिससे राजधानी पटना के निचले इलाकों समेत राज्य के 13 जिले बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। इस विकट परिस्थिति के बीच खुद मोर्चा संभालते हुए मुख्यमंत्री ने वैशाली और सारण जिलों का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक रसोई का निरीक्षण किया और बाढ़ पीड़ितों के साथ खुद बैठकर भोजन करने के साथ-साथ अपने हाथों से लोगों को खाना भी परोसा।

प्रशासन को सख्त निर्देश और राहत शिविरों का संचालन

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और पुलिस अधीक्षकों (SP) को सख्त हिदायत दी है कि पीड़ितों को समय पर हरसंभव सहूलियत और मदद पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। राज्यभर में इस वक्त बाढ़ पीड़ितों के लिए 226 सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 3.75 लाख लोगों को भोजन कराया जा चुका है। इसके अलावा, चार राहत शिविर भी बनाए गए हैं, जहां 2,505 लोगों के लिए आवास, भोजन और चिकित्सा की मुकम्मल व्यवस्था की गई है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 37 टीमें तैनात, राहत सामग्री का वितरण

प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की कुल 37 टीमें तैनात की गई हैं। सरकार की तरफ से अब तक 81,100 पॉलीथिन शीट और 19 हजार ड्राई राशन पैकेट बांटे जा चुके हैं। आवागमन को सुगम बनाने के लिए प्रभावित इलाकों में 1,602 नावों का संचालन किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 13 जिलों (पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल) के 74 प्रखंडों की 423 ग्राम पंचायतें बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे करीब 27.01 लाख आबादी प्रभावित हुई है। पटना के दीघा स्थित बिंद टोली में घरों में पानी घुसने के कारण लगभग 1,500 परिवार बेघर होकर जेपी गंगा पथ के किनारे टेंट लगाने को मजबूर हैं।

कई प्रमुख नदियों का जलस्तर स्थिर, मौसम विभाग का पूर्वानुमान

राहत की बात यह है कि राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर अब स्थिर होने लगा है या फिर उनमें गिरावट दर्ज की जा रही है। गंडक, कोसी, सोन और गंगा जैसी नदियां कई स्थानों पर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, लेकिन उनका जलस्राव घटने की प्रवृत्ति में है। वाल्मीकिनगर में गंडक, वीरपुर में कोसी और इंद्रपुरी में सोन नदी का पानी लगातार मॉनिटर किया जा रहा है। इस बीच, बिहार मौसम सेवा केंद्र ने अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है, जिसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क बना हुआ है।