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उत्तर प्रदेश के कानपुर में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के नए मामले सामने आने और एक 30 वर्षीय युवक की मौत के बाद पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है और सरकारी अस्पतालों में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

एक मौत और नए मामलों के बाद बढ़ी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी

हाल ही में कन्नौज के रहने वाले 30 वर्षीय एक युवक की बुखार और पेट दर्द के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसकी बाद में आई रिपोर्ट में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके अलावा शहर में चार साल के एक बच्चे और उन्नाव की 53 वर्षीय महिला में भी इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान और उनकी कड़ी निगरानी के निर्देश जारी किए हैं।

सरकारी अस्पतालों में बेड और वेंटिलेटर की विशेष व्यवस्था

संक्रमण के मामलों से निपटने के लिए कानपुर के सरकारी अस्पतालों में पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एलएलआर (हैलेट) अस्पताल में 30 बेड, उर्सला अस्पताल में 15 से 20 बेड, जबकि केपीएम और कांशीराम अस्पताल में 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा जिले के सभी 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर भी पांच-पांच बेड रिजर्व रखे गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को तुरंत भर्ती किया जा सके।

मेडिकल कॉलेज और विभागों को किया गया पूरी तरह अलर्ट

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में H1N1 के मरीजों के इलाज के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर युक्त वार्ड तैयार रखे गए हैं, जिसमें वयस्कों और बच्चों के लिए 10-10 बेड का अलग वार्ड शामिल है। हैलेट अस्पताल के मेडिसिन चेस्ट और रेस्पिरेटरी विभाग को भी पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है और अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में दवाइयों का स्टॉक भी उपलब्ध है।

लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह

स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से अपील की है कि फ्लू जैसे लक्षणों (बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ) को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज बिल्कुल न करें। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है ताकि समय पर उचित उपचार मिल सके।