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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Chhatarpur : मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध जटाशंकर धाम में कुदरत का एक विहंगम दृश्य सामने आया है। ‘बुंदेलखंड का केदारनाथ’ कहे जाने वाले इस पौराणिक शिव मंदिर में दो दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद गोमुख से अचानक पानी की तेज धारा बहने लगी। गोमुख से निकलता जल सीधे प्राकृतिक शिवलिंग पर गिरता नजर आया, जिसे देखकर श्रद्धालु इसे किसी अलौकिक चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।

गोमुख से उमड़ी अविरल धारा

Chhatarpur पहाड़ियों पर हुई तेज बारिश के कारण मंदिर परिसर स्थित गोमुख से जलप्रवाह काफी तेज हो गया। शिवलिंग का यह प्राकृतिक जलाभिषेक देखने में ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो भगवान शिव अपनी जटाओं से स्वयं गंगा की धारा बहा रहे हों। इस विहंगम दृश्य ने मंदिर परिसर में आए तीर्थयात्रियों को भक्ति-भाव से सराबोर कर दिया और पूरे क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

सोशल मीडिया पर छाया मनमोहक वीडियो

Chhatarpur गोमुख से जलधारा के बहने और आसपास की पहाड़ियों से गिरते प्राकृतिक झरनों का यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस मनमोहक पल को अपने कैमरों में कैद कर इंटरनेट पर साझा किया है। आध्यात्मिक रुझान वाले लोग इसे मॉनसून के मौसम में भोलेनाथ का विशेष आशीर्वाद मान रहे हैं। पौराणिक मान्यता है कि इसी पावन स्थल पर भगवान शिव ने अपनी जटाओं के साथ ध्यान लगाया था।

प्रशासन ने जारी की सतर्कता बरतने की सलाह

Chhatarpur एक तरफ जहां यह नजारा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, वहीं लगातार हो रही बारिश से कुछ व्यावहारिक समस्याएं भी खड़ी हो गई हैं। मंदिर के निचले हिस्से और प्रांगण में जलभराव हो गया है तथा पास बहने वाली नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जटाशंकर धाम आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने और जलस्रोत के ज्यादा पास न जाने की अपील की है।

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