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एंकर। समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी के विरोध में खंडवा पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने राजनीतिक बयानबाजी से माहौल गरमा दिया। उन्होंने यूसीसी का विरोध करते हुए जहां केंद्र सरकार पर निशाना साधा, वहीं वसीम वकार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की।

मोहसिन अली खान ने वसीम वकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कल तक जो लोग AIMIM के कसीदे पढ़ते थे, आज अफसोस है कि वह भी ‘मीर जाफर की औलाद’ निकले। उनके इस बयान के बाद सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

वहीं आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लेकर भी मोहसिन अली खान ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत को एम.एस. गोलवलकर की किताब पढ़नी चाहिए। मोहसिन ने दावा किया कि उसमें हेडगेवार की विचारधारा का जिक्र करते हुए मुसलमान, ईसाई और कम्युनिस्टों को दुश्मन बताया गया है। उन्होंने कहा कि अगर मोहन भागवत अब मुस्लिम समाज के प्रति सकारात्मक रुख रखते हैं तो उन्हें सार्वजनिक तौर पर यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे हेडगेवार की विचारधारा को नहीं मानते।

AIMIM प्रदेश अध्यक्ष ने हिंदू समाज से भी अपील करते हुए कहा कि देश को बर्बाद होने से बचाने के लिए सभी को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की परेशानी और युवाओं में बढ़ते नशे को लेकर केंद्र सरकार और आरएसएस पर निशाना साधा।

मोहसिन अली खान ने आरोप लगाया कि महंगाई चरम सीमा पार कर चुकी है, बेरोजगारी बढ़ रही है, किसान परेशान हैं और युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। उन्होंने इन परिस्थितियों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया।
खंडवा में यूसीसी के विरोध के दौरान AIMIM प्रदेश अध्यक्ष के इन बयानों ने स्थानीय सियासत को एक बार फिर गरमा दिया है।