रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Tikamgarh : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में प्रशासनिक निरीक्षण के दौरान ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत उजागर हुई है। सापौन स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र के औचक निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय उस समय हैरान रह गए, जब वहां तैनात कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर (BP) तक नहीं जांच सकीं। स्थिति को देखते हुए खुद कलेक्टर को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने मौके पर ही CHO को ब्लड प्रेशर मापने का सही तरीका सिखाया। इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य कर्मियों की दक्षता और प्रशिक्षण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
BP नहीं नाप पाईं CHO, कलेक्टर ने खुद सिखाया तरीका
Tikamgarh निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात CHO रितु अहिरवार को एक महिला मरीज की प्राथमिक जांच करने और उनका ब्लड प्रेशर मापने का निर्देश दिया। हालांकि, CHO बीपी मापने की बुनियादी प्रक्रिया में भी असमर्थ दिखीं। अधिकारी को निःशब्द और असहज देखकर कलेक्टर ने स्वयं बीपी मशीन का सही इस्तेमाल, कफ बांधने की विधि और रीडिंग लेने के जरूरी चरण समझाए। इस वाकये के बाद कलेक्टर ने CHO की शैक्षणिक पृष्ठभूमि, डिग्री और व्यावहारिक प्रशिक्षण को लेकर भी कड़ी पूछताछ की।
ग्रामीणों की शिकायत: समय पर नहीं खुलता स्वास्थ्य केंद्र
Tikamgarh कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी वहां एकत्र हो गए और अपनी समस्याएं साझा कीं। ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई कि सापौन का यह उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता है। केंद्र के अक्सर बंद रहने के कारण स्थानीय लोगों और मरीजों को सामान्य प्राथमिक उपचार व छोटी-मोटी जांचों के लिए भी दूरदराज के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रशासनिक सख्ती और व्यवस्था सुधारने के कड़े निर्देश
Tikamgarh ग्रामीणों की समस्याओं और मौके पर पाई गई खामियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उप स्वास्थ्य केंद्रों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र के नियमित संचालन, कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और प्राथमिक जांच सुविधाओं को तत्काल प्रभाव से सुचारू बनाने के आदेश दिए।
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