By: Ravindra Singh
Man Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में देश के युवाओं, ऐतिहासिक जागरूकता, नशा मुक्ति और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए। उन्होंने देश में नवप्रवर्तन (इनोवेशन) की दिशा में काम कर रहे युवाओं के प्रयासों की सराहना की और बताया कि ‘मन की बात’ का मुख्य उद्देश्य समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों और नए विचारों को सामने लाना है।
इतिहास को आसान और रोचक बनाती कृष्णा शेषाद्रि की पहल
Man Ki Baat संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मुंबई के कृष्णा शेषाद्रि द्वारा विकसित वेबसाइट bharatrajya.com की विशेष सराहना की। उन्होंने युवाओं और छात्रों से इस डिजिटल मंच का उपयोग करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने बताया कि यह वेबसाइट इतिहास के अध्ययन को बेहद सरल बनाती है; इसमें कोई भी वर्ष चुनने पर यह स्पष्ट जानकारी मिलती है कि उस कालखंड में भारत के किस भू-भाग पर किस शासक का अधिकार था। यह प्रयास न केवल इतिहास के विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा, बल्कि आम लोगों में भी इतिहास के प्रति रुचि जगाएगा।

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान और स्वास्थ्य संकल्प
Man Ki Baat देश की युवा शक्ति को दिशा देने पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने #नशामुक्तभारत की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और इससे बड़ी संख्या में युवा जुड़ रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पूरे परिवार और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करता है। देश के स्वर्णिम भविष्य के लिए युवाओं का नशे से दूर और स्वस्थ रहना आवश्यक है।

PM स्वनिधि योजना से महिला सशक्तिकरण और Mission ShaktiSAT
Man Ki Baat आर्थिक और तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ‘PM स्वनिधि योजना’ के तहत लगभग 46% लाभार्थी महिलाएं हैं। देश की करीब 35 लाख महिलाएं इस योजना का लाभ उठाकर अपने रेहड़ी-पटरी व छोटे व्यवसायों को आत्मनिर्भर बना रही हैं।
इसके साथ ही, उन्होंने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में ‘Mission ShaktiSAT’ के महत्व पर प्रकाश डाला। इस पहल के माध्यम से 108 देशों की 12,000 से अधिक छात्राओं को सैटेलाइट टेक्नोलॉजी और इनोवेशन की शिक्षा दी जा रही है। 23 अगस्त को ‘नेशनल स्पेस डे’ के अवसर पर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में इस मिशन की प्रगति की एक सराहनीय झलक देखने को मिली।

