रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Prayagraj : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित जार्ज टाउन थाना क्षेत्र में स्वामीनारायण मंदिर परिसर का एक मुख्य हिस्सा देर रात अचानक भरभराकर गिर गया। यह हादसा भारी बारिश और पास में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान हुआ। गनीमत यह रही कि जिस वक्त ढांचा गिरा, उस समय मलबे की चपेट में कोई नहीं आया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
अचानक हुए तेज धमाके के साथ इमारत ढहने से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में बाहर निकल आए।
निर्माण कार्य के गड्ढे और बारिश से कमजोर हुई नींव
Prayagraj स्थानीय जानकारी और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर परिसर से सटे हिस्से में तीन मंजिला कमर्शियल-कम-रेसिडेंशियल कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था। लगातार हो रही बारिश का पानी इस गड्ढे में जमा हो रहा था, जिससे मंदिर की नींव के आसपास की मिट्टी का कटाव हुआ और ढांचा कमजोर हो गया।
इसी वजह से शुक्रवार देर रात लगभग 11:00 बजे मंदिर का अगला विशाल हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया, जबकि पीछे का कुछ हिस्सा अभी भी खड़ा है।
मेहमानों के ठहरने के लिए होता था इमारत का उपयोग
Prayagraj सुरक्षा गार्ड सूबेदार सिंह और स्थानीय लोगों के मुताबिक, जो इमारत ढही है उसका इस्तेमाल मुख्य रूप से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और मेहमानों के ठहरने के लिए किया जाता था। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग रुकते हैं।
जिस वक्त यह दुर्घटना हुई, उस समय इमारत के उस हिस्से में कोई मौजूद नहीं था। यही वजह रही कि इतने बड़े हादसे के बावजूद किसी प्रकार की जनहानि या किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची, जांच जारी
Prayagraj घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। सुरक्षा के लिहाज से प्रभावित इलाके को घेर लिया गया है।
प्रशासन अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि बगल में चल रहे निर्माण कार्य के नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं और मंदिर की संरचना पर इसके प्रभाव की वास्तविक वजह क्या रही। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और राहत कार्य जारी है।
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