By: Ravindra Singh
New Delhi : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के दिल्ली-एनसीआर (NCR) इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। महज कुछ ही घंटों की झमाझम बारिश के कारण राजधानी की सड़कें पानी में डूब गईं। इस जलभराव ने संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों और सरकार द्वारा मानसून से पूर्व जलनिकासी को लेकर किए गए तमाम दावों की कलई खोलकर रख दी है।


हाई-प्रोफाइल इलाकों में भी भरा पानी, यातायात बुरी तरह प्रभावित
New Delhi बारिश का सबसे व्यापक असर सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख और अति-सुरक्षित (वीआईपी) इलाकों में देखने को मिला। संसद मार्ग, रायसीना रोड, लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस जैसे हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों में घुटनों तक पानी भर गया।

इसके अलावा, एयरपोर्ट रोड और एम्स (AIIMS) अस्पताल जाने वाले मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से मरीजों, राहगीरों तथा कामकाजी लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर भरे पानी के बीच गाड़ियां रेंगती नजर आईं और कई वाहन पानी के बीच में ही बंद हो गए।
दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर लगा किलोमीटर लंबा जाम
New Delhi सुबह के समय हुई तेज बारिश के बाद सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। महिपालपुर के पास दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर भयंकर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।

स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर दफ्तरों के लिए निकले कर्मचारियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। सड़कों पर जलजमाव के कारण वाहनों की गति थम सी गई, जिससे यात्रियों को कई घंटों तक ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा।
बुनियादी सुविधाओं पर उठे सवाल, आम जनता हुई परेशान
New Delhi हर बार थोड़ी सी बारिश में पूरी दिल्ली का पानी-पानी हो जाना बुनियादी ढांचे और जलनिकासी व्यवस्था की बदहाली को बयां करता है। बड़े-बड़े बहुराष्ट्रीय दफ्तरों और शीर्ष संस्थानों वाले इलाकों में इस तरह के हालात ने आम लोगों को खासा नाराज किया है।
जनता का कहना है कि कागजों पर किए जाने वाले सरकारी दावे जमीन पर उतरते ही धुल जाते हैं। महज दो घंटे की बारिश ने एक बार फिर पूरी दिल्ली की रफ्तार रोक दी और लोग पानी के बीच में ही जूझते रहे।

