रिपोर्टर: रंजन कुमार
Sheikhpura : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी पेपरलेस निबंधन प्रणाली के अंतर्गत शेखपुरा जिले में भूमि तथा मकानों के डिजिटल पंजीकरण प्रक्रिया में काफी तेजी आ गई है। इस पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुचारू बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को ज़िलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में ज़िला निबंधन कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक के दौरान डीएम ने निबंधन कार्य की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
अब तक 15 दस्तावेजों का डिजिटल निबंधन, 3 का मौके पर निष्पादन
Sheikhpura समीक्षा बैठक के दौरान जिला निबंधन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक कुल 15 दस्तावेजों का पेपरलेस पंजीकरण सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा चुका है।
विशेष बात यह रही कि समीक्षा बैठक के दिन ही 3 दस्तावेजों की रजिस्ट्री पूर्ण रूप से डिजिटल माध्यम से निष्पादित की गई। जिलाधिकारी ने इस पहल को जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक के समावेश की दिशा में एक बड़ा कदम करार दिया।
ओटीपी विलंब और आधार लिंकिंग जैसी तकनीकी समस्याओं पर मंथन
Sheikhpura बैठक के दौरान पेपरलेस व्यवस्था के संचालन में आ रही व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा में यह बात सामने आई कि सर्वर की वजह से मोबाइल पर ओटीपी (OTP) मिलने में होने वाली देरी और कई नागरिकों के आधार कार्ड में अद्यतन मोबाइल नंबर लिंक न होने के कारण प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है।
इस पर जिलाधिकारी ने बेहद गंभीरता दिखाते हुए सेवा प्रदाता एजेंसियों को तकनीकी खामियों को तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
आम जनता को जागरूक करने और प्रक्रिया को सुगम बनाने के निर्देश
Sheikhpura जिलाधिकारी शेखर आनंद ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आम नागरिकों को इस नई व्यवस्था के प्रति अधिक से अधिक जागरूक करें।
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार द्वारा गत 3 अगस्त से राज्यभर में जमीनों और मकानों के पंजीकरण के लिए पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आम जनता को बिना किसी दफ्तर के चक्कर काटे और बिचौलियों के बिना आसानी से रजिस्ट्री की सुविधा मिल सके।
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