By: Ravindra Singh
Sawan Somwar : सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त महादेव को जल, दूध, बेलपत्र और फूल अर्पित कर पूजा करते हैं। सावन के सोमवार का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि इस दिन व्रत और शिव पूजा करने की परंपरा है।

इस वर्ष सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त 2026 को पड़ रहा है। इस अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में विशेष पूजा, जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किए जाएंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धापूर्वक भगवान शिव की पूजा करने से भक्तों को महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
Sawan Somwar सावन के आखिरी सोमवार पर कैसे करें भगवान शिव की पूजा?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें। संभव हो तो किसी शिव मंदिर में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें।


आप अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार शिवलिंग पर जल, गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद पुष्प चढ़ाएं। बेलपत्र अर्पित करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
पूजा के दौरान भगवान शिव के साथ माता पार्वती का भी ध्यान करें। इसके बाद घी का दीपक जलाकर शिव आरती करें।
Sawan Somwar माता पार्वती को अर्पित करें ये चीजें
सावन के अंतिम सोमवार पर माता पार्वती की पूजा करना भी शुभ माना जाता है। श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार माता पार्वती को लाल चुनरी, साड़ी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार में सकारात्मकता बनी रहती है।
Sawan Somwar रुद्राभिषेक करना माना जाता है विशेष
सावन के अंतिम सोमवार पर रुद्राभिषेक कराने की भी परंपरा है। श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार मंदिर में रुद्राभिषेक करा सकते हैं। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने और उनका ध्यान करने से नकारात्मकता दूर होती है तथा सुख-समृद्धि की कामना पूरी होने का आशीर्वाद मिलता है।
Sawan Somwar शिव चालीसा और रुद्राष्टकम का करें पाठ
भगवान शिव की पूजा के बाद शिव चालीसा या रुद्राष्टकम का पाठ कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप भी कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव मंत्रों का जाप मन को एकाग्र करने और मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायक माना जाता है।
Sawan Somwar अमरनाथ यात्रा से जुड़ा महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन
सावन के अंतिम सोमवार के कुछ दिन बाद 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के अवसर पर श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा में धार्मिक अनुष्ठान होने की परंपरा है। इस दौरान पवित्र छड़ी के गुफा में प्रवेश और भगवान शिव की पूजा-अर्चना जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसके साथ ही श्री अमरनाथ यात्रा से जुड़े प्रमुख धार्मिक आयोजनों का समापन माना जाता है।
Sawan Somwar सावन के आखिरी सोमवार पर क्या करें?
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- भगवान शिव का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें।
- शिवलिंग पर जल और गंगाजल चढ़ाएं।
- अपनी श्रद्धा के अनुसार दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक करें।
- बेलपत्र और फूल अर्पित करें।
- ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।
- शिव चालीसा या रुद्राष्टकम का पाठ करें।
- शाम को दीपक जलाकर भगवान शिव की आरती करें।
नोट: यहां बताई गई बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा की विधि और मान्यताओं में अंतर हो सकता है।
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