रिपोर्टर: अजीत कुमार ठाकुर
Supaul : वृहद आश्रय गृह की बाल यूनिट-1 और बाल यूनिट-2 में रह रहे बच्चों के चेहरे पर उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. राकेश कुमार सिंह-I खुद उनसे मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद कर उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा खेलकूद के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए फुटबॉल का वितरण किया।
Supaul बच्चों से किया सीधा संवाद, मेहनत और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, दृढ़ इच्छाशक्ति, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को सकारात्मक सोच अपनाने और जीवन में आने वाली चुनौतियों से बिना घबराए उनका सामना करने का संदेश दिया। न्यायाधीश के इस प्रेरणादायी संवाद से बच्चों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार हुआ।
Supaul शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेलकूद को बताया आवश्यक
फुटबॉल मिलने पर आश्रय गृह के बच्चों में खासा उत्साह देखा गया। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों ने रेखांकित किया कि खेल न केवल बच्चों के शारीरिक विकास के लिए आवश्यक हैं, बल्कि इससे मानसिक स्वास्थ्य, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और टीम भावना जैसे मानवीय गुणों का भी विकास होता है। अधिकारियों ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों और खेलकूद में सक्रियता बनाए रखने की सलाह दी।
सर्वांगीण विकास और समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-1 दिलीप कुमार सिंह और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बच्चों को भरोसा दिलाया कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह की पहल से बच्चों में यह विश्वास मजबूत हुआ कि प्रशासनिक व न्यायिक व्यवस्था उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।
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