रिपोर्टर: किशोर राय
Dewas : मध्य प्रदेश के देवास जिले से नागपंचमी पर्व के दिन एक दुखद घटना सामने आई है। विकास नगर इलाके में परंपरा के अनुसार घर-घर जाकर दर्शन करा रहे एक सपेरे के सांप की पूजा करते समय महिला को विषैले सर्प ने डस लिया। पीड़ित महिला को तुरंत गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सपेरे को गिरफ्तार कर लिया है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Dewas पूजा के दौरान अचानक हुआ हमला, महिला अस्पताल में भर्ती
देवास के विकास नगर निवासी अक्षय चौहान की पत्नी ऋषिका चौहान नागपंचमी के अवसर पर घर आए सपेरे के पिटारे में मौजूद नागदेवता की पूजा-अर्चना कर रही थीं। इसी दौरान सांप ने अचानक उनके हाथ पर काट लिया। परिजनों ने बिना समय गंवाए उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि महिला की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत पर नजर बनी हुई है।
Dewas नशे में धुत था सपेरा, पुलिस ने हिरासत में लेकर वन विभाग को सौंपा सांप
घटना की सूचना मिलते ही इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सपेरे को धर दबोचा। पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी सपेरा घटना के वक्त नशे की हालत में था और उसने एक दिन पहले ही जंगल से इस सांप को पकड़ा था। पुलिस ने सपेरे के कब्जे से सांप को जब्त कर सुरक्षित रखवाया और उचित देखभाल व प्रजाति की पहचान हेतु वन विभाग की टीम के सुपुर्द कर दिया।
जीवित सांपों की पूजा न करने की अपील, वन्यजीव विशेषज्ञों ने जताई चिंता
इस घटना ने त्यौहारों के दौरान जीवित सांपों के प्रदर्शन और वन्यजीव सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘फ्रेंड्स ऑफ स्नेक्स सोसाइटी’ और ‘पीपुल फॉर एनिमल्स’ (PFA) जैसे पशु कल्याण संगठनों ने अपील की है कि नागपंचमी पर जीवित सर्पों की पूजा करने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों से सांपों को पकड़ना, उन्हें भूखा-प्यासा रखना और सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन है और इससे आम जनता की सुरक्षा को भी बड़ा खतरा पैदा होता है।

