Flydubai Pilot Sonal Machhar:हाल ही में फ्लाईदुबई (Flydubai) की एक फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में हुए जानलेवा हमले में घायल हुए भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) की पत्नी सोनल मच्छार ने इस भयानक हादसे पर अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि इस दुखद खबर को सुनने के बाद उनका परिवार गहरे सदमे में था और उनके लिए इस पर रिएक्ट करना भी मुश्किल हो गया था।
‘समझ नहीं आ रहा था कि कैसे प्रतिक्रिया दूं’
Flydubai Pilot Sonal Machhar:मीडिया से बातचीत करते हुए कैप्टन स्मित की पत्नी सोनल ने अपने ऊपर बीते मुश्किल वक्त को याद किया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पति पर हुए हमले के बारे में पता चला, तो वह अंदर से पूरी तरह टूट चुकी थीं।
सोनल ने बताया, “मैं बहुत बड़े सदमे में थी। मेरे पास यह समझने की मानसिक क्षमता ही नहीं बची थी कि मुझे ऐसी स्थिति में कैसे प्रतिक्रिया देनी चाहिए।” हालांकि, इस कठिन समय में परिवार, दोस्तों और भारतीय अधिकारियों के लगातार संपर्क ने उन्हें थोड़ी हिम्मत बंधाई और उन्हें दिलासा मिला कि स्थिति नियंत्रण में है।
अस्पताल में पति से मुलाकात और राहत
Flydubai Pilot Sonal Machhar:सोनल ने बताया कि वह अबू धाबी के अस्पताल में अपने पति से मिलने पहुंचीं। वहां स्मित को सही सलामत देख कर उन्हें बहुत राहत मिली।
उन्होंने कहा, “मैं गुरुवार को उनसे मिली। अस्पताल में उन्हें देखकर मुझे यह भरोसा हुआ कि वह बिल्कुल सुरक्षित हाथों में हैं। यूएई (UAE) के डॉक्टर्स और सैन्य चिकित्सक उनकी बेहतरीन देखभाल कर रहे हैं।” सोनल ने आगे कहा कि अब उनका पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ कैप्टन स्मित की रिकवरी और उनकी जल्द घर वापसी पर है।
पीएम मोदी से बातचीत और कैप्टन का अदम्य साहस
Flydubai Pilot Sonal Machhar:इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर कैप्टन स्मित मच्छार से बात कर उनका हालचाल जाना और उनके अदम्य साहस की सराहना की। बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित ने उस डरावने मंजर को याद करते हुए बताया कि उनके 17 साल के उड़ान अनुभव ने उन्हें तुरंत भांपने में मदद की थी कि विमान नीचे जा रहा है।
हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन स्मित ने हार नहीं मानी। उन्होंने खुद से कहा, “स्मित, बस एक आखिरी कोशिश करो, दरवाजा वहीं है।” उन्होंने जान की परवाह न करते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे अन्य क्रू मेंबर और यात्रियों को हमलावर को काबू करने का मौका मिला और सैकड़ों लोगों की जान बच गई

