रिपोर्टर: मनोज कुमार
Katihar : बिहार के कटिहार जिले में सावन के पावन अवसर पर एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। जिले के फलका थाना क्षेत्र स्थित कमला नदी में जल भरने और स्नान करने के दौरान सात बच्चे गहरे पानी में समा गए। वहां मौजूद ग्रामीणों की मुस्तैदी से चार बच्चों को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तीन मासूम बच्चे पानी की तेज धार में डूब गए। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव और आसपास के इलाकों में कोहराम मच गया है।
Katihar अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में गए बच्चे
जानकारी के अनुसार, सावन की सोमवारी के मौके पर सातों बच्चे कमला नदी से पवित्र जल लेने पहुंचे थे। नदी में पानी का स्तर पहले से बढ़ा हुआ था। स्नान करने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से सभी बच्चे एक-एक कर गहरे पानी में चले गए। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत नदी में छलांग लगाई और चार बच्चों को बचा लिया, परंतु तीन बच्चों को गहरे पानी से बाहर निकालने में काफी समय लग गया।
Katihar अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ दिया दम
ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद जब तीनों बच्चों को बाहर निकाला, तो उनकी हालत बेहद नाजुक थी। परिजनों और ग्रामीणों द्वारा बच्चों को तुरंत कोढ़ा अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉ. पूजा कुमारी ने प्राथमिक जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 15 वर्ष से कम आयु के सत्यम कुमार, अमन कुमार और दिव्यांशु कुमार के रूप में हुई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रशासनिक व्यवस्था और घाटों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय निवासियों और परिजनों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि सावन के महीने में कमला नदी घाट पर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु और बच्चे जल भरने आते हैं, फिर भी वहां कोई गोताखोर, बैरिकेडिंग या सुरक्षा बल तैनात नहीं किए गए थे। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन द्वारा समय रहते सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए होते, तो इन मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।

