रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Ujjain : मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में नागपंचमी पर्व के पावन अवसर पर एक बड़ा हादसा सामने आया है। नागचंद्रेश्वर मंदिर, हरसिद्धि मंदिर और बड़े गणेश मंदिर के पास दर्शनार्थियों की भारी भीड़ के चलते अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दर्शन मार्ग पर अचानक दबाव बढ़ने और धक्का-मुक्की होने से तीन श्रद्धालु दबकर घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रशासन ने मोर्चा संभालते हुए स्थिति पर काबू पाया और सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
Ujjain वर्ष में सिर्फ 24 घंटे के लिए खुलते हैं मंदिर के कपाट
उज्जैन के महाकाल मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर भगवान का मंदिर अपने आप में बेहद अलौकिक और खास माना जाता है। इस धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके कपाट वर्ष में केवल एक बार, नागपंचमी के दिन, पूरे 24 घंटे के लिए खोले जाते हैं। शेष 365 दिन इस गर्भगृह में प्रवेश और दर्शन पूरी तरह वर्जित रहते हैं। यही वजह है कि मात्र एक दिन में भगवान नागचंद्रेश्वर का आशीर्वाद पाने के लिए देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
Ujjain 11वीं शताब्दी की दुर्लभ प्रतिमा और राजा भोज से जुड़ा इतिहास
मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्रतिमा शिव भक्ति और कला का अद्भुत उदाहरण है। 11वीं सदी (लगभग 1050 ईस्वी) में परमार राजा भोज के शासनकाल में स्थापित इस मूर्ति में भगवान शिव और माता पार्वती 10-11 फनों वाले शेषनाग के छत्र के नीचे विराजमान हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नागराज तक्षत ने इसी स्थान पर भगवान भोलेनाथ की घोर तपस्या की थी। माना जाता है कि नागपंचमी के दिन इनके दर्शन करने से जातकों की कुंडली से कालसर्प दोष और सर्प दोष का निवारण हो जाता है।
भीड़ प्रबंधन पर उठे सवाल, प्रशासन सतर्क
अचानक हुई इस अव्यवस्था के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग हरकत में आ गया है। त्यौहार के दिन लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए सिरे से बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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