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रिपोर्टर: विपिन साहू

Iran : ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने मुस्लिम राष्ट्रों से एकजुट होने और सुरक्षा के लिए विदेशी ताकतों पर निर्भरता कम करने का आह्वान किया है। उनका यह बयान सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुए ऐतिहासिक ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ के बाद आया है, जिसमें किसी भी एक देश पर हमले को तीनों देशों पर हमला मानने का प्रावधान किया गया है।

Iran ‘ईरान ने दुनिया को दिखाई अपनी सैन्य ताकत’

ईरानी विदेश मंत्री अरागची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी सशस्त्र सेनाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि ईरान ने कठिन से कठिन सैन्य चुनौतियों के सामने अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने कहा कि यदि सभी मुस्लिम देश आपसी भाईचारे के साथ एकजुट हो जाएं, तो किसी भी बाहरी या दुर्भावनापूर्ण ताकत का आसानी से सामना किया जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय आ गया है कि क्षेत्रीय देश अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं पर भरोसा करें।

Iran क्या है ‘मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’?

यह समझौता मक्का में आयोजित एक शिखर वार्ता के दौरान सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की उपस्थिति में हुआ। इस त्रिपक्षीय समझौते का मुख्य उद्देश्य सामूहिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। समझौते के तहत यह निर्धारित किया गया है कि यदि तीनों में से किसी भी एक सदस्य देश पर कोई सशस्त्र हमला होता है, तो उसे तीनों देशों के खिलाफ हमला माना जाएगा।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच नया सुरक्षा समीकरण

यह ऐतिहासिक रक्षा समझौता ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। गाजा, लेबनान और ईरान से जुड़े क्षेत्रीय संघर्षों के बीच सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। तुर्की-इजरायल के बीच गहराते मतभेद और सऊदी अरब के बुनियादी ढांचों पर हमलों की आशंकाओं के बीच इस नए सैन्य गठबंधन को क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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