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रिपोर्टर: विपिन साहू

India–Pakistan relations : पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री शेख रशीद अहमद एक बार फिर अपने जहरीले और भड़काऊ बयानों को लेकर विवादों में आ गए हैं। रशीद ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकवादियों के साथ न केवल मंच साझा किया, बल्कि सरेआम लश्कर प्रमुख और खूंखार आतंकी हाफिज सईद की जमकर तारीफ भी की। इस दौरान उन्होंने भारत के खिलाफ भी खुलकर जहर उगला और बेतुकी धमकियां दीं।

India–Pakistan relations ‘मैं हाफिज साहब का गुलाम हूं’: आतंकियों के साथ मंच साझा कर उगला जहर

एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें शेख रशीद ने कहा कि वे हाफिज सईद के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं। भाषण के दौरान रशीद ने दावा किया, “मैं हाफ़िज़ साहब का गुलाम हूं।” उन्होंने अपने अमेरिकी दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में रहने के दौरान उनके फोन में हाफिज सईद का नंबर मिलने पर उन्हें वहां से निकाल दिया गया था।

भारत को गीदड़भभकी देते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि यदि भारत ने पाकिस्तान की ओर देखने की कोशिश की, तो उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने भारत विरोधी भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल करते हुए मंदिर और शांति को निशाना बनाने वाले आपत्तिजनक बयान दिए।

India–Pakistan relations लश्कर के शीर्ष कमांडरों के साथ एक मंच पर दिखे पूर्व मंत्री

कार्यक्रम के दौरान शेख रशीद को कई कुख्यात आतंकी नेताओं के साथ देखा गया। मंच पर उनके साथ खालिद मसूद संधू और कारी मुहम्मद याकूब शेख मौजूद थे।

  • खालिद मसूद संधू: लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर और पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) का अध्यक्ष।
  • कारी मुहम्मद याकूब शेख: आतंकी संगठन की केंद्रीय सलाहकार समिति का सदस्य।

इमरान खान सरकार (2020-2022) में गृह मंत्री रह चुके और अवामी मुस्लिम लीग के प्रमुख शेख रशीद का यह कदम पाकिस्तान में आतंकवाद और राजनीति के गहरे गठजोड़ को एक बार फिर दुनिया के सामने बेनकाब करता है।

सीमा-पार आतंकवाद से भारत-पाक संबंधों में लगातार तल्खी

पाकिस्तान के नेताओं द्वारा खुलेआम आतंकी आकाओं का समर्थन करना यह दर्शाता है कि वहां की मुख्यधारा की राजनीति किस हद तक चरमपंथ के प्रभाव में है। भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह पाकिस्तान द्वारा दिया जाने वाला सीमा-पार आतंकवाद और कश्मीर के हिस्से पर उसका अवैध कब्जा है। ऐसे भड़काऊ बयान दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को और अधिक जटिल बनाते हैं।

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