KatiharKatihar
Spread the love

रिपोर्टर: मनोज कुमार

Katihar : पूरे बिहार के साथ-साथ कटिहार नगर निगम के सफाई और प्रशासनिक कर्मचारियों ने अपनी तीन सूत्री ज्वलंत मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन का आगाज कर दिया है। ठेकेदारी प्रथा और आउटसोर्सिंग व्यवस्था के विरोध में राज्यव्यापी एवं देशव्यापी आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन के कारण कटिहार शहर में नागरिक सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।

Katihar ठप हुई स्वच्छता व्यवस्था, सड़कों पर पसरा कचरा

हड़ताल के पहले ही दिन से नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों और मुख्य बाजारों में गंदगी का अंबार दिखना शुरू हो गया है। सुबह-सुबह घर-घर से कचरा उठाने वाले वाहन और सड़कों पर झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी काम से पूरी तरह विरत रहे।

शहर को साफ-सुथरा और स्वस्थ रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सफाई कर्मियों के काम बंद करने से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यदि यह गतिरोध जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो शहर में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

Katihar आंदोलनरत कर्मचारियों की 3 सूत्री प्रमुख मांगें

नगर निगम कर्मचारी महासंघ और सफाई यूनियनों ने शासन एवं प्रशासन के सामने स्पष्ट रुख अपनाते हुए अपनी 3 मुख्य मांगों को रखा है:

  • सेवा का नियमितीकरण एवं सुरक्षा: वर्षों से कार्यरत दैनिक एवं अस्थाई कर्मियों को स्थाई किया जाए और उनकी नौकरी को सुरक्षा प्रदान की जाए।
  • आउटसोर्सिंग व ठेकेदारी प्रथा का खात्मा: सफाई व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक विभागों से ठेका प्रणाली और आउटसोर्सिंग प्रथा को पूर्णतः समाप्त कर सीधी भर्ती प्रक्रिया लागू की जाए।
  • ACP/MACP एवं बकाए का भुगतान: कर्मचारियों के लिए स्वीकृत एसीपी (ACP) तथा एमएसीपी (MACP) योजनाओं का पारदर्शी कार्यान्वयन हो और उनके लंबे समय से लंबित वित्तीय बकाए का अविलंब भुगतान किया जाए।

जनहित में शीघ्र समाधान की आवश्यकता

धरना स्थल पर मौजूद मजदूर नेताओं और प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि जो कर्मचारी भीषण गर्मी, ठंड और गंदगी के बीच रहकर पूरे शहर को स्वस्थ और स्वच्छ रखते हैं, उनके बुनियादी अधिकारों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।

स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन, नगर निगम बोर्ड और राज्य सरकार से अपील की है कि वे हठधर्मिता छोड़कर आंदोलनरत कर्मियों के साथ सम्मानजनक वार्ता करें। कर्मचारियों की जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा कर इस हड़ताल को समाप्त कराया जाए, ताकि शहरवासियों को गंदगी और अव्यवस्था से राहत मिल सके।

ये भी पढ़े: JPSC और JSSC CGL धांधली की हो सीबीआई जांच: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य सरकार पर साधा निशाना

You missed