Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme CourtRaja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court
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Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court : इंदौर के प्रसिद्ध ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हुई हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अब आगामी मंगलवार (14 जुलाई) को सुनवाई होगी। इस बीच, सोनम रघुवंशी ने शीर्ष अदालत में हलफनामा दायर कर खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय ने सोनम की जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे उन्हें अंतरिम राहत मिली हुई है।

Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court हलफनामे में सोनम का दावा: केस सिर्फ परिस्थितियों पर आधारित

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए अपने जवाब में सोनम रघुवंशी ने कहा है कि इस हत्याकांड से उनका कोई लेना-देना नहीं है और उन्हें इस मामले में साजिश के तहत फंसाया गया है। सोनम की दलील है कि पुलिस के पास उनके खिलाफ कोई सीधा सबूत नहीं है और पूरा मामला महज परिस्थितिजन्य साक्ष्यों (Circumstantial Evidence) पर टिका है। उन्होंने कोर्ट को आश्वस्त किया कि मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल की जा चुकी है और वह अदालत की शर्तों का पालन करते हुए शिलांग में ही रह रही हैं, इसलिए उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश नहीं है।

Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court सॉलिसिटर जनरल की दलील: ‘टाइपो एरर’ की वजह से मिली बेल

इससे पहले हुई सुनवाई में मेघालय सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने अदालत में एक हैरान करने वाला दावा किया था। उन्होंने दलील दी कि निचली अदालत में एक ‘टाइपो एरर’ (लिखने की गलती) के कारण आरोपी को जमानत मिल गई। दरअसल, पुलिस दस्तावेज़ों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी धारा 103 की जगह गलती से धारा 403 टाइप हो गया था, जिसे आधार बनाकर हाई कोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली।

Raja Raghuvanshi Murder Case Supreme Court हनीमून के दौरान हुई थी कारोबारी की हत्या

यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की शादी सोनम से हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून मनाने मेघालय की राजधानी शिलांग गए थे। इसी दौरान राजा अचानक लापता हो गए और काफी खोजबीन के बाद उनका शव एक गहरी खाई से बरामद किया गया था। मेघालय पुलिस ने इस मामले में पत्नी सोनम और उनके सहयोगियों को हत्या का आरोपी बनाया है। अब सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के समय का अरेस्ट मेमो और अन्य जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं।

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