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रिपोर्टर: गनेश सिंह

Jammu and Kashmir school book controversy : जम्मू-कश्मीर में स्कूली पाठ्यक्रम की एक किताब को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक सातवीं कक्षा की किताब में कथित तौर पर घाटी के खूंखार आतंकवादियों और प्रतिबंधित अलगाववादी नेताओं को ‘महान व्यक्तित्व’ (Great Personalities) के रूप में पेश किया गया है। इस खुलासे के बाद केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और शिक्षा विभाग पर चौतरफा हमले शुरू हो गए हैं और लोग इसे बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं।

Jammu and Kashmir school book controversy पाठ्यक्रम में आपत्तिजनक सामग्री पर फूटा लोगों का गुस्सा

विवाद तब शुरू हुआ जब सातवीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान (Social Science) की एक संदर्भ पुस्तक के पन्ने सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। इस किताब के एक अध्याय में उन लोगों की तस्वीरें और जीवनियां शामिल की गई हैं जो घाटी में आतंकवाद, अशांति और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार रहे हैं। मासूम बच्चों को पढ़ाए जाने वाले इस संवेदनशील विषय में देश विरोधी तत्वों को ‘नायक’ और ‘महान विभूति’ के रूप में चित्रित किए जाने पर अभिभावकों और बुद्धिजीवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

Jammu and Kashmir school book controversy विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार को घेरा

इस मामले के सामने आते ही जम्मू-कश्मीर सरकार और स्थानीय प्रशासन विपक्षी दलों के निशाने पर आ गया है। विभिन्न राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि आखिर कड़े सुरक्षा दावों और कड़े प्रशासनिक नियंत्रण के बावजूद ऐसी देश विरोधी सामग्री स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा कैसे बन गई? प्रदर्शनकारियों और आलोचकों का कहना है कि यह घाटी के बच्चों के मानसिक विकास को प्रभावित करने और उन्हें भ्रमित करने की एक गहरी साजिश का हिस्सा हो सकता है।

Jammu and Kashmir school book controversy जांच के आदेश और विवादित किताब को वापस लेने की मांग

मामले के तूल पकड़ने के बाद शिक्षा विभाग और संबंधित बोर्ड में हड़कंप मच गया है। सरकार से मांग की जा रही है कि इस किताब के प्रकाशक, लेखकों और पाठ्यक्रम को मंजूरी देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, इस विवादास्पद पुस्तक को तुरंत सभी स्कूलों से वापस लेने और पूरे पाठ्यक्रम की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग तेजी से बढ़ रही है। प्रशासन ने इस मामले की आंतरिक जांच शुरू करने के संकेत दिए हैं।

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