रिपोर्टर: शुभम कुमार
Nalanda Sumit Kumar Paswan BPSC DSP : बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर डीएसपी पद पर चयनित हुए सुमित कुमार पासवान का अपने गृह जनपद नालंदा पहुंचने पर ऐतिहासिक स्वागत किया गया। कराय परशुराय प्रखंड के मुसाढ़ी गांव निवासी उदय नारायण पासवान के पुत्र सुमित के आगमन पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने पलक-पावड़े बिछा दिए। बैंड-बाजे, फूल-मालाओं और तिलक लगाकर उनका भव्य अभिनंदन किया गया। समर्थकों ने इस खुशी में पूरे इलाके में मिठाइयां बांटीं और इसे समूचे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
Nalanda Sumit Kumar Paswan BPSC DSP बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, समर्थकों ने दी बधाई
स्वागत कार्यक्रम के दौरान डीएसपी सुमित कुमार पासवान ने मकरौता गांव पहुंचकर दलित चेतना के प्रतीक बाबा चौहरमल की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर मकरौता पंचायत के मुखिया निरंजन उर्फ जितेंद्र प्रसाद ने सुमित का अंगवस्त्र देकर स्वागत किया और कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को मन में रखकर वे समाज की सेवा में आगे बढ़ें। पूरा क्षेत्र सुमित की इस अभूतपूर्व सफलता से बेहद उत्साहित है।
Nalanda Sumit Kumar Paswan BPSC DSP होनहार परिवार: एक भाई इनकम टैक्स ऑफिसर, अब दूसरे बने डीएसपी
सुमित कुमार पासवान का परिवार शुरू से ही शिक्षा और सरकारी सेवा से जुड़ा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पिता उदय नारायण पासवान पहले से ही सरकारी कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। सुमित के बड़े भाई अमित कुमार पहले से ही इनकम टैक्स ऑफिसर (आयकर अधिकारी) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि दूसरे पुत्र सुमित ने अब बीपीएससी परीक्षा में 581वीं रैंक लाकर डीएसपी पद हासिल किया है। वहीं, उनके तीसरे भाई परमजीत कुमार अभी उच्च शिक्षा की तैयारी कर रहे हैं।
Nalanda Sumit Kumar Paswan BPSC DSP ‘वेलकम डीएसपी’ के नारों से गूंजा गांव, सुमित ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
सुमित कुमार से मिलने और उन्हें बधाई देने के लिए मुसाढ़ी और आसपास के गांवों से सैकड़ों छात्र-छात्राएं उनके निवास पर पहुंचे। छात्राओं ने हाथों में ‘वेलकम डीएसपी सुमित कुमार’ के पोस्टर ले रखे थे और ‘स्वागतम डीएसपी’ के गीतों से पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। इस दौरान नए नवेले डीएसपी सुमित कुमार पासवान ने उपस्थित युवाओं और छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए सफलता का मूलमंत्र दिया। उन्होंने कहा, “शिक्षा और पढ़ाई ही एकमात्र ऐसा सशक्त माध्यम है, जिसके बल पर जीवन में किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।”

