रिपोर्टर: रतन कुमार
Jamtara : झारखंड के जामताड़ा जिले की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुनसान झाड़ियों में छिपकर देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे तीन शातिर साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल होने वाले 7 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड भी बरामद किए हैं।
Jamtara पलाश की झाड़ियों में छापेमारी और गिरफ्तारी
इस मामले का आधिकारिक खुलासा मंगलवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक (एसपी) शंभु कुमार सिंह ने किया। एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि करमाटांड़ थाना क्षेत्र के ग्राम तेतुलबंधा के पास पलाश और पुटूश की झाड़ियों के पीछे कुछ अपराधी ऑनलाइन ठगी को अंजाम दे रहे हैं।
सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तीन आरोपियों को मौके से दबोच लिया। पकड़े गए अपराधियों की पहचान करमाटांड़ के धरूवाडीह निवासी महेंद्र कुमार मंडल (28 वर्ष), टिंकू कुमार मंडल (26 वर्ष) और विकास कुमार मंडल (24 वर्ष) के रूप में हुई है। इनमें से मुख्य आरोपी महेंद्र कुमार मंडल का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह साल 2021 के एक साइबर मामले में पहले भी आरोपी रह चुका है।
Jamtara फर्जी कस्टमर केयर और एपीके फाइल से ठगी का तरीका
पुलिस पूछताछ में इन अपराधियों के काम करने के बेहद शातिर तरीके का खुलासा हुआ है। आरोपी मुख्य रूप से बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहकों को निशाना बनाते थे। वे लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड एक्टिवेट कराने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।
इसके अलावा, इन ठगों ने गूगल पर विभिन्न नामी कंपनियों और बैंकों के नाम से अपने फर्जी कस्टमर केयर नंबर अपलोड कर रखे थे। जब कोई परेशान ग्राहक इन नंबरों पर संपर्क करता, तो आरोपी उन्हें बातों में उलझाकर मोबाइल में एक एपीके (APK) फाइल डाउनलोड करवा देते थे। यह फाइल असल में एक मैलवेयर (सॉफ्टवेयर) होती थी, जिसके डाउनलोड होते ही पीड़ित के फोन का पूरा कंट्रोल और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारियां अपराधियों के पास पहुंच जाती थीं और वे पलक झपकते ही खाते से पैसे उड़ा देते थे।
Jamtara नया कानून (BNS) और जामताड़ा पुलिस की सख्त कार्रवाई
पकड़े गए अपराधियों के खिलाफ जामताड़ा साइबर थाना में 8 जून 2026 को नए कानून यानी ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं, आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसपी शंभु कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में कड़ा संदेश देते हुए बताया कि जामताड़ा पुलिस साइबर अपराधियों को जड़ से मिटाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी का नतीजा है कि इस साल 2026 में अब तक रिकॉर्ड 75 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

