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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Varanasi : धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी (काशी) में मांस और मछली के व्यापार को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। अब वाराणसी शहर की भौगोलिक सीमा के भीतर कच्चे मीट, मांस या मछली की दुकानें संचालित नहीं हो सकेंगी। वाराणसी नगर निगम की हालिया बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया है कि शहर के भीतर चल रहे इस पूरे बाजार को नगर निगम की बाहरी सीमाओं पर ट्रांसफर किया जाएगा।

Varanasi पार्षद गुलशन अली के प्रस्ताव पर लगी मुहर

इस नीतिगत बदलाव की नींव पिछले साल ही रख दी गई थी, जब नगर निगम सदन में पार्षद गुलशन अली ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया था। उन्होंने दुकानों को आबादी और मुख्य शहर से बाहर स्थानांतरित करने की वकालत की थी।

व्यापारियों का पक्ष: पार्षद गुलशन अली ने दलील दी थी कि सावन के पवित्र महीने में धार्मिक संवेदनशीलता के कारण पूरे महीने शहर में मांस की दुकानें बंद करा दी जाती हैं। इससे स्थानीय मांस व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। शहर से बाहर स्थायी बाजार बनने से उनका व्यापार सुचारू रूप से चल सकेगा।

Varanasi इन 5 बाहरी इलाकों में बसाया जाएगा नया बाजार

नगर निगम की योजना के मुताबिक, शहर की गलियों और मुख्य बाजारों से हटाकर मीट-मछली की दुकानों को वाराणसी के बाहरी व सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए निम्नलिखित पांच स्थानों को चिन्हित किया गया है:

  1. रामनगर
  2. सूजाबाद
  3. गनेशपुर
  4. अवलेशपुर
  5. शिवपुर

Varanasi काशी विश्वनाथ धाम में बढ़ती भीड़ और नवरात्र की डेडलाइन

दिसंबर 2021 में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर (धाम) के भव्य उद्घाटन के बाद से वाराणसी में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 29 करोड़ 80 लाख लोग दर्शन कर चुके हैं, जबकि भीषण गर्मी के बावजूद पिछले महज 60 दिनों में 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालु काशी पहुंचे हैं।

  • श्रद्धालुओं की सुविधा: नगर निगम का मानना है कि पवित्र गलियों और दर्शन मार्गों पर कच्चे मांस-मछली की दुकानों का होना श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं और सुविधा के लिहाज से उचित नहीं है।
  • समय सीमा: प्रशासन ने लक्ष्य रखा है कि आगामी नवरात्र तक स्थानांतरण (शिफ्टिंग) की इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा।

Varanasi सनातन आस्था और प्राचीनता का केंद्र है काशी

विशेषताविवरण
धार्मिक महत्वकाशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है, जहां मोक्ष की मान्यता है।
ऐतिहासिकताकाशी को दुनिया के सबसे प्राचीन और निरंतर जीवित शहरों में गिना जाता है।
सांस्कृतिक धरोहरयह सदियों से वेद, उपनिषद, संस्कृत अध्ययन और सनातन परंपराओं का वैश्विक केंद्र रहा है।

प्रशासन के इस कदम से जहां एक ओर काशी की धार्मिक शुचिता और पर्यटन को बल मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मांस व्यापारियों को भी बिना किसी सीजनल रुकावट के व्यापार करने के लिए एक तय स्थान मिल सकेगा।

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