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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Mumbai : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) देश की मुद्रा प्रणाली को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और टिकाऊ बनाने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। नकली नोटों पर लगाम लगाने और पारंपरिक कागजी नोटों के रख-रखाव में आने वाले भारी खर्च को कम करने के उद्देश्य से आरबीआई अब भारत में प्लास्टिक करेंसी (पॉलिमर नोट) पेश करने की तैयारी में है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से न केवल करेंसी नोटों की लाइफ (durability) कई गुना बढ़ जाएगी, बल्कि बार-बार नए नोट छापने की सरकारी लागत में भी भारी कमी आएगी।

Mumbai बार-बार नोट छापने के खर्च से मिलेगी मुक्ति, लागत में आएगी बड़ी कमी

मौजूदा समय में उपयोग होने वाले कपास (कॉटन) आधारित कागजी नोटों की उम्र काफी कम होती है। हाथ बदलने, मुड़ने, भीगने और कटने-फटने के कारण ये नोट जल्दी खराब हो जाते हैं, जिससे रिजर्व बैंक को हर साल करोड़ों रुपये खर्च करके पुराने नोटों को नष्ट करना पड़ता है और उनकी जगह नए नोट छापने पड़ते हैं। प्लास्टिक (पॉलिमर) से बने नोटों की उत्पादन लागत शुरुआत में थोड़ी अधिक जरूर होती है, लेकिन इनकी लंबी उम्र के कारण लंबे समय में नोटों की छपाई और वितरण पर होने वाला सरकारी खर्च बेहद कम हो जाएगा।

Mumbai पानी और गंदगी का नहीं होगा असर, बढ़ जाएगी नोटों की मियाद

प्लास्टिक या पॉलिमर नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पूरी तरह से वॉटरप्रूफ और डस्टप्रूफ होते हैं। आम नोटों की तरह पानी में भीगने पर ये न तो गलेंगे और न ही इनका रंग छूटेगा। इसके अलावा, इन नोटों पर गंदगी, तेल या पसीना आसानी से नहीं चिपकता, जिससे ये लंबे समय तक बिल्कुल नए जैसे दिखते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पारंपरिक नोटों की तुलना में प्लास्टिक करेंसी की शेल्फ-लाइफ (काम करने की अवधि) कम से कम 4 से 5 गुना अधिक होती है, जिससे बार-बार नोट बदलने का झंझट खत्म हो जाएगा।

Mumbai नकली नोटों के काले कारोबार पर लगेगी पूर्ण लगाम

आरबीआई द्वारा प्लास्टिक नोट पेश करने का एक मुख्य उद्देश्य सुरक्षा को अभेद्य बनाना भी है। पॉलिमर नोटों पर अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स (Security Features) जैसे कि विशेष होलोग्राम, पारदर्शी खिड़की (transparent window) और ऐसी बारीक नक्काशी की जा सकती है, जिसकी नकल करना आम प्रिंटर या जालसाजों के लिए लगभग असंभव होता है। दुनिया के कई विकसित देशों (जैसे ऑस्ट्रेलिया, यूके और कनाडा) ने इस तकनीक को अपनाया है, जिससे वहां नकली नोटों के चलन में भारी गिरावट आई है। भारत में भी इस कदम से जाली नोटों के रैकेट को पूरी तरह ध्वस्त करने में मदद मिलेगी।

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