Twisha Sharma caseTwisha Sharma case
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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Twisha Sharma case : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामला अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। भोपाल की विशेष अदालत ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की अर्जी को स्वीकार करते हुए मुख्य आरोपी व ट्विशा के पति समर्थ और उसकी मां (सास) गिरिबाला सिंह को 5 दिनों की सीबीआई रिमांड पर सौंप दिया है। इस फैसले के बाद अब दोनों आरोपी 2 जून 2026 तक सीबीआई की सख्त कस्टडी में रहेंगे, जहाँ उनसे आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी।

Twisha Sharma case भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेशी, एक ही कटघरे में खड़े हुए मां-बेटे

इससे पहले गुरुवार को सीबीआई ने करीब 6 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को रिमांड अवधि समाप्त होने पर पति समर्थ और नवनियुक्त आरोपी गिरिबाला को अलग-अलग पुलिस वाहनों में बेहद कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल जिला अदालत लाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की अदालत में दोनों को एक ही कटघरे में खड़ा किया गया, जहाँ सीबीआई ने मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए दोनों की संयुक्त कस्टडी की मांग की, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

Twisha Sharma case ‘टनल व्यू’ और ‘फॉरेंसिक मैपिंग’ से रीक्रिएट होगा मौत का मंजर

ट्विशा शर्मा की मौत के आखिरी घंटों का सच सामने लाने के लिए सीबीआई इस बार पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक और अत्यधिक उन्नत डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों का सहारा ले रही है। जांच टीम कटारा हिल्स स्थित उनके आवास के भीतर के घटनाक्रम को वर्चुअली रीक्रिएट करने के लिए ‘टनल व्यू’ (Tunnel View Approach) और ‘फॉरेंसिक मैपिंग’ तकनीक का उपयोग कर रही है। इसके जरिए मृतका की मौत से ठीक पहले की मिनट-दर-मिनट की गतिविधियों और डिजिटल टाइमलाइन का एक सटीक खाका तैयार किया जा रहा है।

Twisha Sharma case साक्ष्यों से छेड़छाड़ की भी होगी जांच, तैयार हो रहा है ‘वर्चुअल वॉकथ्रू’

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सीबीआई घर के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और घटनास्थल की फॉरेंसिक मैपिंग को आपस में सिंक (समानुरूप) कर रही है। इससे एक ‘सिम्युलेटेड वॉकथ्रू’ (वर्चुअल वातावरण) तैयार होगा, जिससे यह साफ हो जाएगा कि घटना के वक्त घर के विशिष्ट कमरों में किसने प्रवेश किया और कौन बाहर निकला।

जांच का मुख्य उद्देश्य: सीबीआई इस बात की भी गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या ट्विशा की मौत के बाद घर में मौजूद किसी डिजिटल साक्ष्य या डेटा को डिलीट और मॉडिफाई किया गया था? इस हाई-टेक रीकंस्ट्रक्शन के जरिए यह साफ करने की कोशिश की जा रही है कि यह आत्महत्या है, या इसके पीछे कोई गहरी साजिश और जबरदस्ती शामिल थी।

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