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रिपोर्टर: प्रमोद सागर

Sagar : मध्य प्रदेश के सागर जिले के बड़तूमा में बन रहे भव्य संत रविदास मंदिर परिसर का कलेक्टर प्रतिभा पाल ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत जानी और अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने विशेष रूप से वहां बन रहे ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक म्यूजियम (संग्रहालय), भक्त निवास और डॉरमेट्री (श्रद्धालुओं के ठहरने का स्थान) के भवनों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर के मुख्य मॉडल का भी अवलोकन किया और निर्माण एजेंसी से इसकी तकनीकी प्रगति की पूरी जानकारी ली।

Sagar 101 करोड़ की लागत से 11 एकड़ में बन रहा है अद्भुत केंद्र

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि 101 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से 11 एकड़ क्षेत्र में फैला यह परिसर न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि पूरी दुनिया को संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन दर्शन और भारत की महान संत परंपरा से रूबरू कराएगा। यहाँ महान समाज सुधारक संत रविदास जी के विचारों, ईश्वर के प्रति उनके समर्पण और सामाजिक समानता के संदेश को मुख्य केंद्र बिंदु के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किए बिना सभी बचे हुए कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

Sagar डिजिटल तकनीकों से जीवंत होंगे संत रविदास के जीवन प्रसंग

परिसर में बन रहे म्यूजियम और ऑडिटोरियम का जायजा लेते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहाँ संत रविदास जी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को आधुनिक डिजिटल, दृश्य-श्रव्य (Audio-Visual) और तकनीकी संसाधनों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने आंतरिक साज-सज्जा (Interior Designing) और बेहतर लाइटिंग व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके साथ ही उन्होंने भवनों में पर्याप्त हवा, रोशनी और बुनियादी जनसुविधाओं का विशेष ख्याल रखने की बात कही।

Sagar नागर शैली में बिना लोहे के बन रहा 66 फीट ऊंचा मुख्य मंदिर

इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका मुख्य मंदिर है। नागर शैली में बन रहा यह 66 फीट ऊंचा संत रविदास मंदिर पूरी तरह से राजस्थान के बंसीपहाड़पुर के प्रसिद्ध लाल पत्थरों से तैयार किया जा रहा है और इसके निर्माण में कहीं भी लोहे का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। सड़क से 5 फीट ऊंचे फाउंडेशन (नींव) पर मंदिर के गर्भगृह, अंतराल मंडप और अर्धमंडप के लिए नक्काशीदार पत्थरों के 72 पिलर (स्तंभ) खड़े किए जा चुके हैं, जिन पर अब ऊपरी ढांचे का काम चल रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ विवेक के.वी., एसडीएम अमन मिश्रा सहित निर्माण एजेंसी के इंजीनियर्स मौजूद रहे। कलेक्टर ने आगामी मानसून को देखते हुए परिसर में जलभराव रोकने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के भी निर्देश दिए।

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