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रिपोर्टर: रविन्‍द्र सिंह

Korba : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष (Human-Elephant Conflict) थमने का नाम नहीं ले रहा है। कटघोरा वनमंडल के जड़गा रेंज में हाथियों के एक दल ने बीती रात जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है।

Korba आधी रात का हमला: घरों को तोड़ा, अनाज किया बर्बाद

बीती रात जड़गा रेंज के पटेल पारा और धोबघट क्षेत्र में चार हाथियों के एक समूह ने अचानक धावा बोल दिया। जब ग्रामीण गहरी नींद में थे, तब हाथियों ने हमला कर तीन ग्रामीणों के घरों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों ने न केवल दीवारों को ढाया, बल्कि घर के भीतर रखी धान की बोरियों को बाहर निकालकर पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस अचानक हुए हमले से ग्रामीण अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हुए।

Korba 40 हाथियों का डेरा: क्षेत्र में बढ़ा बड़ा खतरा

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे इलाके में वर्तमान में लगभग 40 हाथियों का एक विशाल दल सक्रिय है। हाथियों की इतनी बड़ी संख्या ने वन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों का यह दल पिछले कुछ दिनों से इसी क्षेत्र में डेरा डाले हुए है, जिसके कारण आस-पास के आधा दर्जन गांवों में असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। लोग शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर हैं।

Korba वन विभाग अलर्ट: ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील

हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग की टीम चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। विभाग द्वारा मुनादी कराकर ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने और रात के समय घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी गई है। वन अमला हाथियों के लोकेशन को ट्रैक कर रहा है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान के मुआवजे और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की है।

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