रिपोर्टर: रविन्द्र सिंह
Mungeli : छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में गौशाला निर्माण की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गौ सेवकों ने अपनी मांगों को लेकर न केवल नारेबाजी की, बल्कि प्रतीकात्मक विरोध के रूप में गायों के साथ कलेक्ट्रेट के भीतर दाखिल होने का प्रयास किया, जिसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
Mungeli गायों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में घुसे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शन की शुरुआत उस समय उग्र हो गई जब गौ सेवक करीब 20 से अधिक गायों को अपने साथ लेकर सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों का इरादा गायों को परिसर के भीतर ले जाने का था, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने मुख्य द्वार पर ही उन्हें रोक लिया। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
Mungeli पुलिस और गौ सेवकों के बीच झूमा-झटकी
जब पुलिस ने गायों और प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस और गौ सेवकों के बीच तीखी बहस देखते ही देखते हाथापाई और झूमा-झटकी में बदल गई। काफी देर तक चले इस हंगामे के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और स्थिति को नियंत्रण में लिया।
Mungeli क्यों हो रहा है विरोध?
गौ सेवकों का कहना है कि क्षेत्र में ‘गौ सेवा धाम’ के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। हाल ही में आई तेज आंधी और भारी बारिश के कारण उनकी अस्थायी संस्था पूरी तरह तबाह हो गई है।
- बेघर हुई गायें: छत छिन जाने के कारण गायों के रहने और चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
- प्रशासनिक अनदेखी: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन गौशाला निर्माण के लिए गंभीर कदम नहीं उठा रहा है।
Mungeli स्थायी समाधान की मांग
गौ सेवकों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गौशाला के लिए भूमि आवंटन और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे अपने आंदोलन को और उग्र करेंगे। फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने कलेक्ट्रेट की सुरक्षा बढ़ा दी है और प्रदर्शनकारियों को उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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