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रिपोर्टर: गनेश सिंह

Roorkee : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) के कड़े प्रावधानों के बावजूद रुड़की के गंगनहर कोतवाली क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक महिला, कायनात फारुकी ने अपने पति पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के साथ-साथ कानून को ठेंगा दिखाते हुए दूसरी शादी करने की तैयारी का आरोप लगाया है। यह मामला प्रदेश में नए कानून के क्रियान्वयन और उसकी प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है।

Roorkee मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का खौफनाक खेल

पीड़िता कायनात फारुकी का आरोप है कि उसका पति बिलाल उर्फ शेंकी लंबे समय से उसके साथ हिंसक व्यवहार कर रहा है।

  • हिंसा के साक्ष्य: सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें महिला के साथ हुई मारपीट के निशान देखे जा सकते हैं। कायनात ने मीडिया के समक्ष ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज भी पेश किए हैं, जो उसके दावों की पुष्टि करते हैं।
  • कानून का मजाक: पीड़िता का दावा है कि एक वायरल ऑडियो में आरोपी पति खुलेआम दूसरी शादी और लिव-इन रिलेशनशिप की बात कर रहा है। वह खुद को कानून की पकड़ से ऊपर बताकर महिला को मानसिक रूप से तोड़ रहा है।

Roorkee दुल्हन की फोटो भेजकर प्रताड़ना और दूसरी शादी की तैयारी

कायनात का सबसे गंभीर आरोप यह है कि बिलाल गुपचुप तरीके से दूसरा निकाह करने की योजना बना रहा है।

  • दुल्हन की तस्वीरें: पीड़िता के अनुसार, उसका पति व्हाट्सएप पर उसे किसी अज्ञात महिला की दुल्हन के लिबास वाली तस्वीरें भेजता है, ताकि वह मानसिक तनाव में रहे। महिला को आशंका है कि आरोपी ने सगाई कर ली है और वह जल्द ही दूसरी शादी कर लेगा।
  • बेसहारा हुई मासूम बच्ची: इस विवाद के कारण कायनात अपनी 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दर-दर भटकने को मजबूर है। उसे घर से बाहर निकाल दिया गया है और अब वह इंसाफ के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है।

Roorkee UCC के दौर में न्याय की उम्मीद

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहाँ समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है, जिसके तहत बहुविवाह (Polygamy) पर पूर्ण प्रतिबंध है।

  • पीड़िता का सवाल: कायनात ने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से सवाल किया है कि जब राज्य में सख्त कानून लागू है, तो उसका पति बेखौफ होकर दूसरी शादी की धमकी कैसे दे पा रहा है?
  • पुलिसिया कार्रवाई: पीड़िता ने गंगनहर कोतवाली में तहरीर देकर सुरक्षा और न्याय की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

यह मामला न केवल एक महिला के व्यक्तिगत संघर्ष को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि नए सामाजिक कानूनों को धरातल पर उतारने में अभी कितनी चुनौतियां बाकी हैं।

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