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रिपोर्टर: योगेन्‍द्र सिंह

Sonbhadra : उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज में धर्म और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। सनातन सम्राट जगद्गुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरी जी महाराज के सानिध्य में नवनिर्मित मंदिर में भगवान श्रीराम, माता सीता और भगवान चित्रगुप्त जी महाराज की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर पर न केवल धार्मिक अनुष्ठान हुए, बल्कि मंदिर की आधारशिला स्थापना का उत्सव भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

Sonbhadra संत समागम और शिलापट्ट का विमोचन

समारोह के दौरान मंदिर परिसर में एक स्मृति शिलापट्ट (पाटिका) का विधिवत अनावरण किया गया। स्वामी चक्रपाणि ने इस अवसर पर कहा कि मंदिर निर्माण जैसे पुनीत कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए संस्कार और संस्कृति का केंद्र बनते हैं। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और स्थानीय विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्य समेत कई दिग्गज जनप्रतिनिधियों और संतों ने शिरकत की, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।

Sonbhadra राम मंदिर आंदोलन की यादें और मंत्रों की गूँज

स्वामी चक्रपाणि महाराज ने भक्ति भाव से भरे माहौल में श्रद्धालुओं से श्रीराम और श्रीकृष्ण के मंत्रों का जाप कराया। उन्होंने अपने संबोधन में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के संघर्षपूर्ण दिनों को याद करते हुए बताया कि धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण करना ही जीवन की असली पूँजी है। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय के उस क्षण को अपने जीवन का सबसे भावुक और गौरवशाली पल बताया, जब वे स्वयं वहां मौजूद थे।

Sonbhadra धर्म कार्यों के लिए समाज का आह्वान

स्वामी जी ने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्री सतीश कुमार श्रीवास्तव और उनके परिवार के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार धर्म, सेवा और मंदिर निर्माण में सहयोग करता है, उसका नाम इतिहास में सदैव के लिए अमर हो जाता है। कार्यक्रम के अंत में एक विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर इस धार्मिक अनुष्ठान का लाभ उठाया।

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