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रिपोर्टर: प्रेम कुुमार श्रीवास्‍तव

Jamshedpur : लौहनगरी जमशेदपुर एक बार फिर वैश्विक औद्योगिक चर्चाओं का केंद्र बन गई है। शहर के प्रतिष्ठित शावक नानावटी टेक्निकल इंस्टीट्यूट (SNTI) में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “International Conference on Sustainable Quality Steelmaking” (ICSQS-2026) का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। टाटा स्टील द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया भर के धातु विज्ञान विशेषज्ञ और उद्योग जगत के दिग्गज ‘सस्टेनेबल स्टील’ यानी पर्यावरण अनुकूल इस्पात उत्पादन के भविष्य पर अपनी राय साझा कर रहे हैं।

Jamshedpur ग्रीन स्टील की दिशा में एक बड़ा कदम: EAF और IF तकनीक पर जोर

इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्टील उत्पादन की पारंपरिक विधियों से हटकर इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (EAF) और इंडक्शन फर्नेस (IF) जैसे आधुनिक विकल्पों पर ध्यान केंद्रित करना है। उद्घाटन सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य का स्टील न केवल गुणवत्ता में बेहतर होना चाहिए, बल्कि उसके उत्पादन की प्रक्रिया भी कार्बन उत्सर्जन को कम करने वाली होनी चाहिए।

टाटा स्टील के वाइस प्रेसिडेंट सुबोध पांडेय और CSIR-NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। चर्चा के दौरान यह बात उभरकर सामने आई कि भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश के लिए ‘ग्रीन स्टील ट्रांजिशन’ और ‘अपशिष्ट प्रबंधन’ (Waste Management) अब केवल विकल्प नहीं बल्कि जरूरत बन गए हैं।

Jamshedpur वैश्विक विशेषज्ञों का जमावड़ा और तकनीकी सत्र

इस दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से 200 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसमें टाटा स्टील के शोधकर्ताओं के अलावा, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेटल्स (IIM), CSIR-नेशनल मेटलर्जिकल लेबोरेटरी (NML) और ऑल इंडिया इंडक्शन फर्नेस एसोसिएशन (AIIFA) के सदस्य शामिल हैं।

सम्मेलन के दौरान पांच प्रमुख तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें निम्नलिखित विषयों पर गहन मंथन हो रहा है:

  • स्क्रैप मैनेजमेंट: कच्चे माल की गुणवत्ता में सुधार के लिए कबाड़ (Scrap) का सही उपयोग।
  • डिजिटलाइजेशन: स्टीलमेकिंग प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मॉडलिंग का समावेश।
  • मेटलर्जिकल प्रोसेस कंट्रोल: लिक्विड स्टील की शुद्धता और लागत को कम करने के तरीके।
  • सहायक प्रणालियाँ: फर्नेस टेक्नोलॉजी को और अधिक कुशल बनाने के नए नवाचार।

Jamshedpur भारतीय इस्पात उद्योग के लिए भविष्य की राह

AIIFA के अध्यक्ष योगेश मंधानी ने भारतीय परिदृश्य में इंडक्शन फर्नेस की बढ़ती भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में यह निष्कर्ष निकाला गया कि अगर भारत को वैश्विक स्तर पर स्टील उत्पादन का हब बने रहना है, तो उसे आधुनिक फर्नेस टेक्नोलॉजी और डिजिटल निगरानी प्रणालियों को अपनाना होगा।

टाटा स्टील की यह पहल न केवल उद्योगपतियों के लिए एक साझा मंच प्रदान कर रही है, बल्कि शोधकर्ताओं और आपूर्तिकर्ताओं के बीच एक मजबूत सेतु का निर्माण भी कर रही है। यह आयोजन जमशेदपुर को स्टील अनुसंधान और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करता है।

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