रिपोर्टर: योगेन्द्र सिंह
Gorakhpur : मुख्यमंत्री ने गुरु गोरखनाथ की नगरी गोरखपुर को ₹1,055 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात दी है। इन परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के साथ ही शहर के बुनियादी ढांचे और स्वच्छता व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर “स्वच्छ स्कूल अभियान” का भी शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य बच्चों में बचपन से ही स्वच्छता के संस्कार विकसित करना है।

Gorakhpur कचरे के ढेर से ‘राप्ती रिवरफ्रंट इको पार्क’ तक का बदलाव
इस विकास यात्रा का सबसे बड़ा प्रतीक राप्ती रिवरफ्रंट इको पार्क बनकर उभरा है। जिस स्थान पर कभी कूड़े के विशाल पहाड़, मृत पशुओं के अवशेष और जहरीले धुएं का साम्राज्य था, आज वहां हरियाली और सुंदरता का संगम है। यह क्षेत्र जो कभी बीमारियों और बदबू का केंद्र हुआ करता था, उसे एक आधुनिक पर्यटन स्थल में बदल दिया गया है। यह पार्क न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहा है, बल्कि शहर के सौंदर्य में भी चार चाँद लगा रहा है।
Gorakhpur जाम और जलभराव की समस्या का होगा स्थायी समाधान
परियोजनाओं के माध्यम से शहर की पुरानी समस्याओं को जड़ से खत्म करने का प्रयास किया गया है:
- सड़कों का सुदृढ़ीकरण: नौसड़-मलौनी मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया गया है, जिससे यातायात सुगम होगा।
- जल निकासी व्यवस्था: आधुनिक सीवरेज सिस्टम और उन्नत जल निकासी नेटवर्क पर विशेष निवेश किया गया है। इससे मानसून के दौरान होने वाले जलभराव से नागरिकों को राहत मिलेगी।
- पेयजल सुधार: घर-घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने और सड़कों के नवीनीकरण को प्राथमिकता दी गई है।
Gorakhpur स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की पहल
विकास कार्यों के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाने के लिए “स्वच्छ स्कूल अभियान” के पोस्टर और टूलकिट का विमोचन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोरखपुर को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि स्वच्छता को एक जन आंदोलन बनाना होगा। स्कूल स्तर पर शुरू की गई इस पहल से भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ और सशक्त बनाने की नींव रखी गई है।
इन ₹1,055 करोड़ के कार्यों से न केवल गोरखपुर की सूरत बदलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार आएगा।
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