SupaulSupaul
Spread the love

Report by: Ajit Kumar Thakur

Supaul : बिहार में भूमि सुधार और राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले राजस्व कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) ने सरकार द्वारा दिए गए मौखिक आश्वासनों को सिरे से खारिज करते हुए अपने सामूहिक अवकाश को अनिश्चितकाल के लिए जारी रखने का निर्णय लिया है। संघ का स्पष्ट कहना है कि अब ‘बातों’ से काम नहीं चलेगा, जब तक मांगों पर लिखित सरकारी आदेश (जीओ) जारी नहीं होता, तब तक कोई भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटेगा।

वादाखिलाफी का आरोप: “भरोसा टूटा, अब सिर्फ लिखित आदेश”

Supaul संघ के नेताओं के अनुसार, पिछले कई दौर की वार्ताओं में सरकार और विभाग के साथ सहमति बनी थी, लेकिन उन सहमतियों को धरातल पर उतारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

  • 11 फरवरी से आंदोलन: राज्य के हजारों राजस्व कर्मचारी 11 फरवरी 2026 से ही सामूहिक अवकाश पर हैं।
  • आक्रोश: कर्मचारियों का आरोप है कि उच्च स्तरीय बैठकों में मांगों पर मुहर लगने की बात कहकर केवल आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। बार-बार मिलने वाले खोखले आश्वासनों के कारण अब कर्मचारियों का सरकार पर से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।

संसाधनों का अभाव: 68 प्रकार के कार्य, पर सुविधाएं शून्य

Supaul राजस्व कर्मचारियों ने अपनी कार्यदशाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संघ ने रेखांकित किया कि एक कर्मचारी को लगभग 68 प्रकार के अलग-अलग सरकारी कार्यों का निष्पादन करना पड़ता है, लेकिन उनके पास बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है।

  • डिजिटल इंडिया की जमीनी हकीकत: ऑनलाइन म्यूटेशन और अन्य कार्यों का दबाव तो है, लेकिन कर्मचारियों के पास न पर्याप्त कंप्यूटर हैं, न इंटरनेट और न ही प्रिंटर।
  • अतिरिक्त प्रभार का बोझ: एक-एक कर्मचारी को कई-कई हल्कों (क्षेत्रों) का प्रभार दे दिया गया है, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलन को उग्र करने की चेतावनी और आगामी रणनीति

Supaul संघ ने अपनी मांगों को लेकर झुकने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ अब जिला स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है।

  • जिला स्तरीय धरना: संघ ने घोषणा की है कि यदि जल्द ही मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं हुआ, तो आगामी दिनों में जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
  • राजस्व कार्य ठप: इस हड़ताल के कारण जमीन की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन), आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।

Also Read This: Ranchi: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन को तपोवन मंदिर के ‘रामनवमी महोत्सव’ का आमंत्रण; शांति और सद्भाव के साथ पर्व मनाने की अपील