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Report by: Ratan Kumar

Jamtara : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे बड़े खेल का जिला प्रशासन ने पर्दाफाश किया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत मोतियाबिंद ऑपरेशन में बरती जा रही गंभीर अनियमितताओं और फर्जीवाड़े की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त (DC) रवि आनंद ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार को हुई इस छापेमारी ने जिले के निजी अस्पतालों में हड़कंप मचा दिया है।

सिटी हॉस्पिटल पर गिरी गाज: भारी अनियमितताओं के बीच हुआ सील

Jamtara उपायुक्त रवि आनंद के नेतृत्व में अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. एपीएन देव और बीडीओ अविश्वर मुर्मू की टीम ने मिहिजाम रोड स्थित सिटी हॉस्पिटल का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल की जो तस्वीर सामने आई, वह चौंकाने वाली थी:

  • डॉक्टर नदारद, मरीज बेहाल: अस्पताल में भारी भीड़ के बावजूद कोई भी अधिकृत डॉक्टर उपस्थित नहीं था। बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव पाया गया।
  • फार्मेसी में अवैध खेल: अस्पताल की फार्मेसी बिना किसी फार्मासिस्ट के संचालित हो रही थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
  • डाटा में हेरफेर: आयुष्मान भारत योजना के तहत किए गए मोतियाबिंद ऑपरेशनों के रिकॉर्ड में भारी गड़बड़ी मिली। मरीजों का डाटा फर्जी तरीके से भरा गया था।

पहले भी दिए गए शोकॉज नोटिस का संतोषजनक जवाब न मिलने पर उपायुक्त ने तत्काल प्रभाव से सिटी हॉस्पिटल को सील करने और संचालक पर कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया।

मंगलम नेत्रालय भी जांच के घेरे में: राजस्थान-केरल के नंबरों का ‘खेल’

Jamtara प्रशासनिक टीम यहीं नहीं रुकी; इसके बाद टीम ने कॉलेज के समीप स्थित मंगलम नेत्रालय में दबिश दी। यहाँ आयुष्मान भारत योजना के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का एक और नायाब तरीका सामने आया:

फर्जीवाड़े का आलम: जांच में पाया गया कि मरीज तो जामताड़ा के थे, लेकिन पोर्टल पर उनके मोबाइल नंबर राजस्थान और केरल के दर्ज थे। यह सीधे तौर पर सरकारी फंड के दुरुपयोग और कागजी हेरफेर की ओर इशारा करता है।

प्रशासन ने मंगलम नेत्रालय प्रबंधन को अस्पताल का नक्शा और सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कागजातों की बारीकी से जांच के बाद यहाँ भी कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

उपायुक्त की चेतावनी: “बख्शे नहीं जाएंगे फर्जीवाड़ा करने वाले”

Jamtara छापेमारी के बाद मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट किया कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा:

  • जहाँ-जहाँ आयुष्मान भारत के तहत शिविर लगाए जा रहे हैं, उनकी सघन जांच होगी।
  • सिविल सर्जन को सभी तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की गहन ऑडिट करने का निर्देश दिया गया है।
  • मरीजों के हक को मारने वाले और फर्जीवाड़ा करने वाले अस्पतालों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।

इस कार्रवाई से साफ़ है कि प्रशासन अब स्वास्थ्य माफियाओं के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति पर काम कर रहा है।

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