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Report by: Mohd Athar Khan

Munger : डिजिटल युग में साइबर अपराधी अब पढ़े-लिखे और जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को भी अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा मामला मुंगेर जिले के जमालपुर का है, जहाँ रेलवे में कार्यरत एक इंजीनियर को ‘पैसे दोगुने’ करने का लालच इतना भारी पड़ा कि उन्होंने अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी के साथ-साथ अपनों से उधार लेकर कुल 47 लाख रुपये गंवा दिए।

“न्यू वेल्थ ग्रुप” का मायाजाल और फर्जी इन्वेस्टमेंट

Munger ठगी की शुरुआत एक व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हुई, जिसका नाम “न्यू वेल्थ ग्रुप” था। इस ग्रुप में साइबर ठगों ने खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताकर निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। इंजीनियर को झांसे में लेने के लिए ठगों ने एक फर्जी डिजिटल वॉलेट दिखाया, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और उस पर मिलने वाला मोटा रिटर्न प्रदर्शित किया गया था।

इस फर्जीवाड़े को सच मानकर इंजीनियर ने महज एक हफ्ते में पैसा दोगुना करने के लालच में निवेश करना शुरू कर दिया। 20 फरवरी को ग्रुप से जुड़ने के बाद, उन्होंने 12 मार्च तक अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम ट्रांसफर की।

अपनों से उधार लेकर आरटीजीएस के जरिए दी रकम

Munger हैरानी की बात यह है कि निवेश के जुनून में आकर इंजीनियर ने न केवल अपनी बचत दांव पर लगाई, बल्कि अपने पिता, पत्नी और दोस्तों से भी पैसे उधार लिए। आरटीजीएस (RTGS) के माध्यम से लगभग 47 लाख रुपये ठगों के बताए गए खातों में भेज दिए गए।

जब तय समय सीमा बीतने के बाद भी पैसा वापस नहीं मिला और डिजिटल वॉलेट ‘सील’ दिखाने लगा, तब इंजीनियर को अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इतनी बड़ी रकम गंवाने के बाद पीड़ित फिलहाल गहरे मानसिक तनाव में है।

साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

Munger मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित ने पहले 17 मार्च को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की और फिर 22 मार्च को मुंगेर साइबर थाना में विधिवत एफआईआर दर्ज कराई।

साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी राकेश कुमार रंजन ने बताया कि:

“मामला दर्ज कर लिया गया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हम जल्द ही ठगों के नेटवर्क तक पहुँचने का प्रयास कर रहे हैं।”

यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि सोशल मीडिया या अनजान ग्रुप्स के माध्यम से मिलने वाले निवेश के लुभावने प्रस्तावों से बचें। बिना आधिकारिक जांच-पड़ताल के किसी को भी बड़ी रकम ट्रांसफर करना जोखिम भरा हो सकता है।

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