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Report by: Ishu Kumar

Raigarh : छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर नशीले पदार्थों की अवैध खेती का काला कारोबार सामने आया है। तमनार में हाल ही में हुई कार्रवाई के बाद, अब लैलूंगा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम घाटगांव में पुलिस ने अवैध अफीम की खेती का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंचल के ग्रामीण इलाकों में अवैध मादक पदार्थों की खेती करने वाले गिरोह सक्रिय हैं।

15 डिसमिल खेत में लहलहा रही थी अफीम की फसल

Raigarh लैलूंगा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम घाटगांव में एक किसान द्वारा अपने निजी खेत में चोरी-छिपे अफीम की खेती की जा रही है। पुलिस टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो वे भी हैरान रह गए। आरोपी साधराम नागवंशी के लगभग 15 डिसमिल क्षेत्र में अफीम की फसल पूरी तरह तैयार थी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पौधों की पहचान की और विशेषज्ञों की पुष्टि के बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की। हजारों की संख्या में लगे अफीम के पौधों को जब्त कर उन्हें नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार, इन पौधों की बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। आरोपी ने मुख्य फसलों की आड़ में इस अवैध कारोबार को छिपाने की कोशिश की थी, ताकि किसी को संदेह न हो।

संगठित गिरोह और स्थानीय मिलीभगत की जांच

Raigarh जिले में एक के बाद एक सामने आ रहे इन मामलों ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर इन गरीब किसानों को अफीम के बीज कहाँ से उपलब्ध हो रहे हैं और तैयार फसल की सप्लाई कहाँ की जा रही है।

जांच का मुख्य केंद्र अब “नेटवर्क और कनेक्शन” है। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे कोई अंतरराज्यीय संगठित गिरोह काम कर रहा है, जो भोले-भाले ग्रामीणों को अधिक मुनाफे का लालच देकर इस अवैध धंधे में धकेल रहा है। दुर्ग, बलरामपुर और हाल ही में तमनार में मिले मामलों के तार कहीं एक-दूसरे से तो नहीं जुड़े हैं, पुलिस इस एंगल पर भी बारीकी से साक्ष्य जुटा रही है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी और निगरानी अभियान

Raigarh प्रदेश में फैलते इस अवैध जाल को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। लैलूंगा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की खेती में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही, राजस्व विभाग और स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों को भी अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध खेती या बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही देखी जाती है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। इस बढ़ते नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस अब ग्रामीण स्तर पर सूचना तंत्र (Intelligence) को और अधिक मजबूत कर रही है। छत्तीसगढ़ के शांत इलाकों को नशे की मंडी बनने से रोकने के लिए पुलिस और नारकोटिक्स विभाग का यह संयुक्त अभियान अब और तेज होने वाला है।

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