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Raipur : प्रदेश में मालवाहक वाहनों में यात्रियों को ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध होने के बाद भी लापरवाही का सिलसिला थम नहीं रहा है। ताजा मामला रायपुर जिले के खरोरा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने एक ट्रेलर को जांच के दौरान रोका। इस वाहन में क्षमता से अधिक संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे सवार थे, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे थे।

दर्शन कर लौट रहे थे बेमेतरा के निवासी

Raipur जानकारी के अनुसार, ट्रेलर में सवार सभी लोग बेमेतरा जिले के निवासी बताए गए हैं। ये सभी रायगढ़ स्थित प्रसिद्ध चंद्रहासिनी मंदिर के दर्शन करने के बाद वापस अपने घर लौट रहे थे। खरोरा पुलिस ने नियमित जांच के दौरान जब इस ट्रेलर को रोका, तो भीतर का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए; ट्रेलर के भीतर बड़ी संख्या में ग्रामीण सवार थे।

ड्राइवर की बदसलूकी और यात्रियों का हंगामा

Raipur पुलिस की इस वैधानिक कार्रवाई के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब ट्रेलर के ड्राइवर ने आपा खो दिया। बताया जा रहा है कि ड्राइवर ने खरोरा थाना प्रभारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और गाली-गलौज शुरू कर दी। वहीं, ट्रेलर में सवार यात्री भी पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए हंगामा करने लगे। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया।

हादसों का सबब बनते हैं मालवाहक वाहन

Raipur पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छत्तीसगढ़ शासन और परिवहन विभाग ने मालवाहक वाहनों में सवारी बैठाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा रखा है। इसके पीछे मुख्य कारण सुरक्षा है:

  • गंभीर हादसों का खतरा: मालवाहक वाहनों में सुरक्षा मानकों (जैसे सीट बेल्ट या बैठने की उचित व्यवस्था) की कमी होती है, जिससे पलटने पर जनहानि की आशंका शत-प्रतिशत रहती है।
  • पुराना रिकॉर्ड: पूर्व में खरोरा और कवर्धा जैसे क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से कई परिवारों ने अपनों को खोया है। इन सबक के बावजूद ऐसी लापरवाही बरती जा रही है।

कानूनी कार्रवाई और जब्ती

Raipur खरोरा पुलिस ने नियमों के उल्लंघन और शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में ट्रेलर को जब्त कर लिया है। पुलिस ने ड्राइवर और संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासन ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए केवल यात्री वाहनों का ही उपयोग करें।

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