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Report by: Imtiaz Ansari

Madhupur : झारखंड के मधुपुर में पवित्र रमजान माह के आखिरी शुक्रवार यानी ‘अलविदा जुमे’ की नमाज पूरे धार्मिक उत्साह और सादगी के साथ संपन्न हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की मस्जिदों में नमाजियों का हुजूम उमड़ा, जहां खुदा की बारगाह में हाथ उठाकर मुल्क की सलामती और अमन-चैन की सामूहिक दुआएं मांगी गईं। इस विशेष अवसर पर राजकीय सम्मान और सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा संगम देखने को मिला।

बड़ी मस्जिद में उमड़ा नमाजियों का सैलाब और मंत्री की मौजूदगी

Madhupur की ऐतिहासिक पीर साहब बड़ी मस्जिद में सुबह से ही अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। दोपहर की नमाज के वक्त मस्जिद का मुख्य परिसर ही नहीं, बल्कि आसपास के रास्ते भी नमाजियों से भर गए।

झारखंड सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन मंत्री हाफिजुल हसन ने भी आम नागरिकों के साथ पंक्ति में बैठकर नमाज अदा की। नमाज के बाद हुए विशेष ‘खुतबे’ में रमजान की अहमियत पर रोशनी डाली गई। नमाजियों ने नम आंखों से रमजान की विदाई की दुआ मांगी और अल्लाह से राज्य व देश की खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे को बनाए रखने की इल्तिजा की।

“रमजान इंसानियत और संयम का संदेश”: हाफिजुल हसन

Madhupur नमाज के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए मंत्री हाफिजुल हसन ने सभी क्षेत्रवासियों को रमजान और आने वाले त्योहार ईद-उल-फितर की अग्रिम मुबारकबाद दी। उन्होंने रमजान के आध्यात्मिक महत्व पर जोर देते हुए कहा:

  • त्याग और इबादत: रमजान का महीना केवल भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह हमें आत्म-संयम, त्याग और खुदा की सच्ची इबादत का मार्ग दिखाता है।
  • साझा संस्कृति: मंत्री ने कहा कि भारत की असली खूबसूरती इसकी विविधता और आपसी भाईचारे में है। हमें मिलकर इस विरासत को संजोना चाहिए।
  • संकल्प: उन्होंने अपील की कि रमजान से जो अनुशासन और इंसानियत की सीख मिली है, उसे पूरे साल अपने जीवन में उतारने का संकल्प लें।

प्रशासन की मुस्तैदी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

Madhupur अलविदा जुमे की नमाज के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए मधुपुर अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। संवेदनशील इलाकों और प्रमुख मस्जिदों के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन को नियंत्रित किया, ताकि नमाजियों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो। प्रशासन और स्थानीय वॉलंटियर्स के बेहतर तालमेल के कारण पूरी नमाज शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुई। मस्जिद कमेटियों ने भी प्रशासन के सहयोग की सराहना की।

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