BokaroBokaro
Spread the love

Report by: Sanjeev Kumar

Bokaro : अंतरराष्ट्रीय पटल पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों का गहरा असर अब औद्योगिक नगरी बोकारो के घरेलू बजट पर दिखने लगा है। वैश्विक संकट के कारण आने वाले समय में ईंधन की आपूर्ति बाधित होने और कीमतों में बेतहाशा वृद्धि की आशंका ने आम नागरिकों को चिंता में डाल दिया है। आलम यह है कि बोकारो के विभिन्न क्षेत्रों, विशेषकर चास में गैस एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ देखी जा रही है, जो किसी भी आपात स्थिति से पहले अपना कोटा सुरक्षित कर लेना चाहते हैं।

चास की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें

Bokaro जिले के चास स्थित एचपी (HP) गैस एजेंसी पर बुधवार सुबह से ही असामान्य दृश्य देखने को मिला। सूरज ढलने से पहले ही उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर कतारों में खड़े नजर आए। पैनिक बुकिंग (डर के कारण बुकिंग) का माहौल ऐसा है कि लोग अपनी दैनिक दिनचर्या छोड़कर घंटों इंतजार करने को तैयार हैं।

उपभोक्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन टूटने की खबरें आ रही हैं। इसी डर से लोग समय से पहले सिलेंडर लेने पहुँच रहे हैं ताकि भविष्य में होने वाली संभावित किल्लत से बचा जा सके। भीड़ के कारण एजेंसी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है और सुरक्षा के लिहाज से प्रबंधन को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।

महंगाई और विदेश नीति पर जनता की राय

Bokaro गैस लेने आए उपभोक्ताओं के बीच न केवल किल्लत का डर है, बल्कि कीमतों में होने वाली वृद्धि को लेकर भी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़ रहे हैं, जिसका सीधा असर भारत के मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है।

एजेंसी पर खड़े कुछ जागरूक नागरिकों ने तो इस स्थिति को भारत की विदेश नीति से भी जोड़कर देखा। उनका तर्क है कि वैश्विक कूटनीति के उतार-चढ़ाव का सीधा खामियाजा घरेलू उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। लोगों में इस बात की भी चिंता है कि यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो सब्सिडी और वितरण प्रणाली पर इसका और भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

एजेंसी प्रबंधन की सफाई: “अफवाहों पर न दें ध्यान”

Bokaro उपभोक्ताओं के बीच फैले इस पैनिक को देखते हुए गैस एजेंसी प्रबंधन ने स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया है। प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान में जिले में रसोई गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। गोदामों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पूरी तरह सुचारू है।

प्रबंधकों के अनुसार, “भीड़ का मुख्य कारण वह डर और अफवाहें हैं जो अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण फैली हैं।” उन्होंने ग्राहकों से धैर्य बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि गैस की डिलीवरी नियमित रूप से जारी रहेगी। हालांकि, प्रबंधन की इस सफाई के बावजूद, आम जनता किसी भी प्रकार का जोखिम लेने के मूड में नहीं दिख रही है और देर शाम तक एजेंसियों पर लोगों का आना जारी रहा।

Also Read This: Hazaribagh: मुखबधिर बच्चों की आवाज़ बने उपायुक्त, 160 छात्रों को मिले आधुनिक श्रवण यंत्र

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *