Laxative : आजकल खराब खानपान, कम पानी पीना और बैठे-बैठे रहने वाली जीवनशैली के कारण कब्ज की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कब्ज होने पर पेट भारी लगना, गैस बनना और अपच जैसी परेशानियां भी होने लगती हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक उपाय के रूप में काफी मददगार साबित हो सकता है।
इन्हीं योगासनों में से एक है मलासन, जिसे स्क्वैट यानी शौच जैसी मुद्रा में किया जाता है। यह आसन पाचन तंत्र को सक्रिय करने और मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाने में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से पेट साफ होने में आसानी हो सकती है और पुरानी कब्ज की समस्या में भी राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार रोज़ाना सुबह करीब 30 सेकंड से 1 मिनट तक मलासन करने से कोलन की कार्यक्षमता बेहतर हो सकती है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है।
मलासन करने के प्रमुख फायदे
1. कब्ज से राहत दिलाने में मदद:
मलासन करते समय शरीर स्क्वैट पोज़िशन में आ जाता है, जिससे पेट की मांसपेशियों पर हल्का दबाव पड़ता है। इससे आंतों की गतिविधि बेहतर होती है और मल त्याग में आसानी हो सकती है।
2. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है
इस आसन से पेट और आंतों में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे पाचन क्रिया में सुधार हो सकता है।
3. बैलेंस और फोकस बेहतर करता है
मलासन करने से शरीर का संतुलन बढ़ता है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
4. पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है
यह आसन पेल्विक हिस्से में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है, जिससे उस क्षेत्र की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
5. गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी
यह योगासन पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत करता है, जो डिलीवरी के समय मददगार साबित हो सकता है। हालांकि गर्भावस्था में किसी भी योगासन को करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
मलासन करने का सही तरीका
- सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और पैरों के बीच थोड़ा अंतर रखें।
- धीरे-धीरे घुटनों को मोड़ते हुए स्क्वैट पोज़िशन में नीचे बैठें।
- अब अपनी कोहनियों को मोड़कर दोनों हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में जोड़ लें।
- कोहनियों को घुटनों के अंदर की तरफ हल्का दबाव देते हुए रखें।
- रीढ़ की हड्डी सीधी रखें, गर्दन को सामान्य स्थिति में रखें और कंधों को ढीला रखें।
- इस स्थिति में 4–5 गहरी सांसें लें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
किन लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए?
मलासन सामान्य तौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसे करने से बचना चाहिए।
- अगर आपको घुटनों में चोट या दर्द है
- कमर या रीढ़ से जुड़ी कोई गंभीर समस्या हो
- हड्डियों या मांसपेशियों से संबंधित बीमारी हो
ऐसी स्थिति में योग करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
कब्ज में मदद करने वाले अन्य योगासन
कब्ज की समस्या से राहत पाने के लिए आप इन योगासनों को भी आजमा सकते हैं:
- पवनमुक्तासन (Wind Relieving Pose)
- बालासन (Child Pose)
ये योगासन पाचन तंत्र को बेहतर बनाने और गैस की समस्या को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी फिटनेस रूटीन को शुरू करने, डाइट में बदलाव करने या किसी स्वास्थ्य समस्या के उपचार के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
Also Read This: Jabalpur: हाईकोर्ट में सनसनी-जज की टेबल पर भ्रूण रखकर न्याय की गुहार, याचिकाकर्ता ने दी आत्मघाती चेतावनी

