Liquor scam caseLiquor scam case
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By: Ishu Kumar

Liquor scam case : कथित शराब घोटाला मामले में हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर को जमानत दे दी है। लंबे समय से जेल में बंद दोनों आरोपियों को अदालत ने कुछ शर्तों के साथ राहत प्रदान की है। कोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है।

बताया जा रहा है कि अदालत ने सुनवाई के दौरान दोनों आरोपियों की लंबे समय से चल रही न्यायिक हिरासत और जांच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने के बावजूद मामले की जांच जारी रहेगी और आरोपियों को कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों का पालन करना होगा।

लंबे समय से जेल में बंद थे दोनों आरोपी

Liquor scam case में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा और कारोबारी अनवर ढेबर पिछले काफी समय से जेल में बंद थे। इस दौरान दोनों ने अदालत में जमानत के लिए आवेदन दिया था, जिस पर विस्तृत सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने उन्हें राहत प्रदान की।

सूत्रों के अनुसार अदालत ने इस बात पर भी विचार किया कि मामले की जांच काफी समय से चल रही है और आरोपी लंबे समय से न्यायिक हिरासत में हैं। इसी आधार पर अदालत ने दोनों को सशर्त जमानत देने का फैसला सुनाया।

हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत का अर्थ यह नहीं है कि आरोप समाप्त हो गए हैं। जांच एजेंसियां आगे भी मामले की पड़ताल करती रहेंगी और आवश्यकता पड़ने पर आरोपियों से पूछताछ भी की जा सकती है।

आर्थिक अपराध शाखा और ईडी कर रही है जांच

Liquor scam case यह मामला कथित शराब घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस मामले में वित्तीय अनियमितताएं और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई थी।

इसी आधार पर एजेंसियों ने विस्तृत जांच शुरू की थी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और साक्ष्यों को भी जुटाया था। जांच के दौरान दोनों आरोपियों से कई बार पूछताछ की गई थी और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की गई।

फिलहाल एजेंसियां इस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।

2024 में हुई थी दोनों की गिरफ्तारी

Liquor scam case जानकारी के अनुसार इस मामले में पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को 21 अगस्त 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं कारोबारी अनवर ढेबर को इससे पहले 5 अप्रैल 2024 को गिरफ्तार किया गया था।

गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था और तब से वे जेल में ही बंद थे। इस दौरान मामले को लेकर लगातार कानूनी प्रक्रिया चलती रही।

अब हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद दोनों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि उन्हें जांच में सहयोग करना होगा और अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

फिलहाल इस मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई कर सकती हैं।

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