By: Yogendra Singh
Khandwa, मध्य प्रदेश: साल 2026 का पहला चंद्रग्रहण मंगलवार, 3 मार्च को लगने जा रहा है। पूरे देश में ग्रहण के दौरान ज्यादातर मंदिरों में पूजा-पाठ और दर्शन बंद रहेंगे, लेकिन मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित अवधूत संत दादाजी धूनीवाले मंदिर इस परंपरा से अलग है। यहां ग्रहण के दौरान भी दरबार खुला रहता है और दर्शन–पूजन लगातार जारी रहते हैं।

ग्रहण में भी खुले रहेंगे मंदिर के द्वार
Khandwa दादाजी धूनीवाले मंदिर में मान्यता है कि ग्रहण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। इस वजह से मंदिर के द्वार 24 घंटे और सातों दिन श्रद्धालुओं के लिए खुले रहते हैं। हर ग्रहण के दौरान भी यहां आरती, हवन और भोग का आयोजन अखंड रूप से चलता रहता है। मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों का कहना है कि आज होने वाले चंद्रग्रहण के दौरान भी श्रद्धालु बिना किसी बाधा के दर्शन कर सकेंगे।

दर्शन और पूजा लगातार जारी
Khandwa मंदिर में ग्रहण के दौरान भी दर्शन और पूजा पूरी तरह सामान्य रूप से जारी रहते हैं। दादाजी के समय से यह परंपरा चली आ रही है कि मंदिर में ग्रहण के दौरान अखंड हवन और भोग भंडार लगातार चलते रहते हैं। श्रद्धालु यहां किसी भी समय दर्शन कर सकते हैं और पूजा में शामिल हो सकते हैं। यह विशेषता इसे देशभर के अन्य मंदिरों से अलग बनाती है।

अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन बंद
Khandwa वहीं, देश के अन्य प्रमुख मंदिरों में ग्रहण के दौरान दर्शन बंद रखे जाते हैं। खंडवा के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक दर्शन बंद रहेंगे, उसके बाद सफाई के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। रामनगरी अयोध्या के सभी मंदिरों में भी ग्रहण के कारण दर्शन बंद रहेंगे। श्री राम जन्मभूमि मंदिर, दशरथ महल और हनुमानगढ़ी सहित सभी प्रमुख मठ-मंदिर आज बंद रहेंगे।
Also Read This: Mathura: अनोखी परंपरा-प्रह्लाद बनकर होलिका की अग्नि से गुजरा युवक

